गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने स्किमैगो इंस्टीट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों का मूल्यांकन शोध प्रदर्शन, नवाचार और सामाजिक प्रभाव जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में भारत के कुल 519 उच्च शिक्षण संस्थानों को स्थान मिला है।
विश्वविद्यालय ने समग्र रैंकिंग में बड़ा सुधार करते हुए भारत में 159वां स्थान हासिल किया है, जबकि वर्ष 2025 में इसकी रैंक 322 थी। शोध श्रेणी में संस्थान 234वें स्थान से बढ़कर 183वें स्थान पर पहुंच गया है। नवाचार श्रेणी में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज करते हुए 402वें स्थान से 240वें स्थान तक सुधार हुआ है। सामाजिक प्रभाव के मामले में विश्वविद्यालय ने 142वें स्थान से आगे बढ़ते हुए 129वां स्थान प्राप्त किया है।
विषयवार रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय की उपस्थिति मजबूत रही। पर्यावरण विज्ञान में संस्थान को देश में 16वां स्थान मिला है, जबकि पृथ्वी एवं ग्रह विज्ञान में 38वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा कृषि एवं जैविक विज्ञान, जैव रसायन एवं आणविक जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, औषधि विज्ञान एवं विष विज्ञान तथा भौतिकी एवं खगोल विज्ञान जैसे विषयों में भी विश्वविद्यालय की शोध उपस्थिति दर्ज की गई है।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्किमैगो रैंकिंग में हुआ यह सुधार विश्वविद्यालय के मजबूत होते शोध वातावरण और शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशन, अंतर्विषयी सहयोग तथा नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
