दोषियों व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
मेडिकल टीम गठित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य अग्निवेश सिंह की मौत के बाद, जिला अस्पताल परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंच गए और पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया को स्वयं निगरानी में पूरा कराया।
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी सहित मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही, रामचंद्र शाही, राजू सैनी, राजेश कुमार, शिवहर्ष द्विवेदी प्रिंस पांडेय वेद पाठक निखलेश प्रताप समेत तमाम पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे।
पत्रकारों की मौजूदगी में मृतक अग्निवेश सिंह के शव का पंचनामा कराया गया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम हेतु बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से वार्ता कर मेडिकल टीम गठित कराए जाने की मांग की, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन किया गया और शव को पोस्टमार्टम हाउस रवाना किया गया।
इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में पत्रकारों का भारी हुजूम मौजूद रहा। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्रकारों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो आज एक सक्रिय पत्रकार को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दुखद घटना से पत्रकार जगत में शोक व्याप्त है।
