11 हजार बिजली लाइन की चपेट में आया ट्रक, चालक की हालत मरणासन्न
बिजली विभाग की लापरवाही या हादसा? सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर बड़ा सवाल
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद अंतर्गत सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार एक ट्रक अचानक 11 हजार बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे ट्रक चालक गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक की हालत मरणासन्न बताई जा रही है और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर के लिए सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक सोहनाग की ओर से सलेमपुर की तरफ आ रहा था। मार्ग के किनारे झुकी हुई 11 हजार बिजली लाइन अचानक ट्रक के ऊपरी हिस्से से छू गई। जैसे ही ट्रक हाई वोल्टेज तार के संपर्क में आया, तेज चिंगारी और धमाके की आवाज सुनाई दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक ने कूदकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह करंट की चपेट में आ चुका था। मौके पर मौजूद लोगों ने लकड़ी और सूखे डंडों की मदद से चालक को ट्रक से अलग किया।
इस सलेमपुर बिजली हादसा के बाद आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
चालक की हालत गंभीर
घायल ट्रक चालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है।
चिकित्सकों का कहना है कि हाई वोल्टेज 11 हजार बिजली लाइन का करंट बेहद घातक होता है और इससे गंभीर आंतरिक क्षति हो सकती है। फिलहाल चालक की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर कई जगहों पर बिजली के तार झुके हुए हैं, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है। बावजूद इसके मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते लाइन को दुरुस्त किया जाता तो यह ट्रक चालक हादसा टाला जा सकता था।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय के लिए मार्ग को सील कर बिजली सप्लाई बंद कराई गई, ताकि कोई और दुर्घटना न हो।
प्रशासन ने कहा है कि सलेमपुर बिजली हादसा की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाएं
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर 11 हजार बिजली लाइन नीचे लटकती रहती है, जिससे भारी वाहनों के लिए खतरा बना रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
हाई वोल्टेज लाइन की न्यूनतम ऊंचाई तय होती है।
समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है।
मानसून और तेज हवाओं के बाद तारों की जांच जरूरी है।
यदि इन मानकों का पालन नहीं किया जाता, तो इस तरह का ट्रक चालक हादसा दोबारा हो सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
स्थानीय निवासी रामनरेश यादव ने बताया कि “हमने जोरदार धमाका सुना। बाहर निकलकर देखा तो ट्रक में आग जैसी चमक दिख रही थी। चालक बेहोश पड़ा था।”
एक अन्य दुकानदार ने कहा कि “यह सलेमपुर सोहनाग मार्ग पहले भी खतरनाक माना जाता रहा है। बिजली के तार काफी नीचे हैं।”
सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
सभी झुकी हुई 11 हजार बिजली लाइन की तुरंत मरम्मत हो।
सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
भारी वाहनों के लिए ऊंचाई माप संकेतक लगाए जाएं।
सामाजिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी सलेमपुर बिजली हादसा चर्चा का विषय बन गया। लोग प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय संगठनों ने पीड़ित चालक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील की है।
सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर हुआ यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है। 11 हजार बिजली लाइन जैसी हाई वोल्टेज व्यवस्था में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
यह आवश्यक है कि प्रशासन, बिजली विभाग और स्थानीय निकाय मिलकर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करें, ताकि भविष्य में कोई और ट्रक चालक हादसा न हो।
