महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )पुलिस दुर्घटना उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में एक दर्दनाक सड़क हादसे के रूप में सामने आई है। कुशीनगर में दबिश देकर लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने में तैनात दरोगा संतोष कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पाँच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना का पूरा विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर पुलिस की एक टीम कुशीनगर में दबिश की कार्रवाई पूरी कर देर रात वापस गोरखपुर लौट रही थी। जैसे ही वाहन श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत कतरारी चौकी के पास पहुंचा, अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस महराजगंज पुलिस दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
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हादसे में कौन-कौन थे सवार
दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो में कुल छह पुलिसकर्मी सवार थे। इनमें—
दरोगा संतोष कुमार (रामगढ़ताल थाना, गोरखपुर)एसआई रमेश चंद
महिला दरोगा गीता,वाहन चालक,पुलिस टीम के अन्य दो सदस्य
सभी को गंभीर हालत में तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा गया। इलाज के दौरान दरोगा संतोष कुमार ने दम तोड़ दिया, जिससे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
इलाज और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही महराजगंज और गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने घायलों का इलाज शुरू किया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है।
अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित झपकी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
महराजगंज पुलिस दुर्घटना में दरोगा संतोष कुमार की मौत की खबर मिलते ही गोरखपुर पुलिस लाइन और रामगढ़ताल थाने में शोक व्याप्त हो गया। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित अधिकारी बताया। विभाग की ओर से उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मदद कर घायलों को बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सड़क किनारे पेड़ और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हादसों की वजह बनती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह महराजगंज पुलिस दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात्रि गश्त के दौरान पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी ड्यूटी के बाद थकान और नींद दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है। ऐसे में पुलिस वाहनों के लिए विशेष विश्राम व्यवस्था और ड्राइवरों की शिफ्ट प्रणाली जरूरी है।
महराजगंज पुलिस दुर्घटना न केवल एक सड़क हादसा है, बल्कि यह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर गंभीर मंथन की मांग करता है। कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले दरोगा संतोष कुमार को पूरा विभाग नमन करता है। उम्मीद है कि जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
