पटना NEET छात्रा मौत मामला: CBI जांच में बड़ा मोड़, शंभू गर्ल्स हॉस्टल से अहम सबूत जब्त
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) NEET छात्रा मौत मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार को CBI की टीम जब शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची, तो जांच ने निर्णायक मोड़ ले लिया। टीम के साथ SIT के अधिकारी और केस की आईओ सचिवालय SDPO डॉ. अन्नू भी मौजूद रहीं। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली गहन पड़ताल में उस कमरे की बारीकी से तलाशी ली गई, जहां छात्रा रह रही थी।
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जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने न सिर्फ कमरे की तलाशी ली, बल्कि हॉस्टल के एट्री और एग्जिट गेट का भी निरीक्षण किया। CCTV फुटेज के आधार पर SIT ने CBI टीम को पूरा घटनाक्रम समझाया—छात्रा कब हॉस्टल पहुंची, ऑटो से कहां उतरी, किस समय कमरे में गई और तबीयत कब बिगड़ी। पटना NEET छात्रा मौत मामला में समय-रेखा (Timeline) का यह मिलान जांच के लिए अहम माना जा रहा है।
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सबूतों का मिलान और मूवमेंट ट्रैक
CBI ने यह भी जांचा कि छात्रा को हॉस्टल से बाहर कब और किस रास्ते से ले जाया गया। क्राइम सीन की परिस्थितियों के अनुसार लोकेशन और मूवमेंट का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया गया। इस दौरान हॉस्टल से पांच बोरियों में कॉपियां, किताबें, दस्तावेज और कपड़े जब्त किए गए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच एजेंसी आगे सहज सर्जरी और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी जा सकती है, जहां छात्रा को इलाज के लिए ले जाया गया था।
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जांच की पृष्ठभूमि
Bihar Government ने 31 जनवरी को मामले की जांच CBI से कराने की सिफारिश की थी। 12 दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिली और 12 फरवरी को पटना में CBI ने केस दर्ज किया। जांच की जिम्मेदारी ASP पवन कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई। 6 जनवरी को छात्रा हॉस्टल में बेहोश मिली थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में इसे सुसाइड बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि ने पूरे मामले को बदल दिया।
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फॉरेंसिक रिपोर्ट और DNA जांच
पोस्टमार्टम के बाद गठित SIT ने फॉरेंसिक जांच कराई, जिसमें कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई। 18 लोगों के DNA सैंपल लिए गए, हालांकि अब तक कोई मैच नहीं हुआ। यही वजह है कि पटना NEET छात्रा मौत मामला में CBI की एंट्री को निर्णायक माना जा रहा है। एजेंसी हर संभावित एंगल—हॉस्टल सुरक्षा, बाहरी मूवमेंट, मेडिकल हैंडलिंग—की गहराई से पड़ताल कर रही है।
आगे की राह
CBI की जांच से उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान होगी। यह मामला न सिर्फ न्याय, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पटना NEET छात्रा मौत मामला में आने वाले दिन बेहद अहम हैं।
