ब्रिटिश Vogue में छाईं भविता मांडवा: डस्की स्किन टोन के साथ भारतीय सुंदरता का नया वैश्विक चेहरा
नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारतीय फैशन और सौंदर्य जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। भविता मांडवा ने British Vogue के कवर पर जगह बनाकर न सिर्फ अपनी पहचान मजबूत की, बल्कि डस्की स्किन टोन के साथ भारतीय महिलाओं की सुंदरता को वैश्विक मंच पर नई परिभाषा दी। भविता, प्रियंका चोपड़ा के बाद दूसरी भारतीय महिला हैं, जिन्हें ब्रिटिश Vogue में यह सम्मान मिला है।
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डस्की स्किन के साथ ग्लोबल पहचान
भविता मांडवा की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने उस सोच को चुनौती दी है, जहां सुंदरता को अक्सर गोरे रंग से जोड़ा जाता रहा है। Vogue कवर पर उनकी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सौंदर्य की विविधता अब दुनिया स्वीकार कर रही है।
हैदराबाद से फैशन की वैश्विक उड़ान
25 वर्षीय, 5 फुट 9 इंच लंबी भविता का जन्म एक तेलुगू परिवार में हुआ। बचपन हैदराबाद में बीता और उन्होंने Jawaharlal Nehru Technological University से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए वे न्यूयॉर्क गईं, जहां फैशन जगत से उनका जुड़ाव गहरा हुआ।
मैथ्यू ब्लेज़ी और Chanel तक का सफर
न्यूयॉर्क में ही भविता की मुलाकात मशहूर डिजाइनर Matthieu Blazy से हुई। इसके बाद उन्होंने 2025 के स्प्रिंग/समर शो में स्पेशल मॉडल के रूप में रैंप वॉक किया। यही नहीं, भविता ने Chanel के Metiers d’Art 2026 शो की ओपनिंग कर इतिहास रच दिया—ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला बनीं।
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British Vogue के कवर पर भविता ऑरेंज फर जैकेट में नजर आईं, जिस पर काले और सफेद रंग की धारियां थीं। खुले, लहराते बाल, आत्मविश्वास से भरी मुस्कान और हैंगिंग एमरल्ड इयररिंग्स ने उनके लुक को खास बना दिया। बैकग्राउंड का चमकीला नीला रंग और टैगलाइन Feel the joy, A new mood of spring इस स्प्रिंग सीजन की ऊर्जा को दर्शाता है।
रंगभेद पर भविता का स्पष्ट संदेश
अपने इंटरव्यू में भविता ने कहा कि Chanel शो की ओपनिंग उनके लिए बेहद खास थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में रंगभेद एक सच्चाई है, लेकिन उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि सुंदरता का पैमाना बदला जा सकता है।
