बाराबंकी में अधिवक्ता शोएब किदवई (बॉबी) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
बाराबंकी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) असेनी मोड़ के पास दिनदहाड़े अधिवक्ता शोएब किदवई (बॉबी) की गोली मारकर हत्या की खबर ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न सिर्फ अत्यंत दुखद है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। व्यस्त इलाके में हुई इस वारदात से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिन के उजाले में भी कानून को चुनौती दे रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और जांच शुरू कर दी गई। हालांकि, अब तक गिरफ्तारी न होने से जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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कानून-व्यवस्था पर सवाल
अधिवक्ता शोएब किदवई (बॉबी) की हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध नियंत्रण में प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं। नागरिकों और अधिवक्ता समुदाय ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, तेज कार्रवाई और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
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परिवार और समाज में शोक
इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अधिवक्ता समुदाय, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। लोगों ने एक स्वर में कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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प्रशासन से अपेक्षाएं
जनता की मांग है कि इस मामले में: निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो
सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों का त्वरित विश्लेषण किया जाए
अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाए
अधिवक्ता शोएब किदवई (बॉबी) की हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कानून के भरोसे की हत्या है। जब तक अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समाज में असुरक्षा की भावना बनी रहेगी। यह समय है कि प्रशासन ठोस कदम उठाए और भरोसा बहाल करे।
