संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा 1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत लॉटरी प्रणाली के प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष प्रचार वाहन को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता वाहन जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर अभिभावकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन से जुड़ी संपूर्ण जानकारी देगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठा सके।
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प्रचार वाहन से घर-घर पहुंचेगी RTE प्रवेश की जानकारी
प्रचार वाहन के माध्यम से अभिभावकों को बताया जाएगा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जिन पर प्रवेश लॉटरी प्रणाली के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाता है। अभियान में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और किसी बिचौलिये की आवश्यकता नहीं है।
अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक सूचना पहुंचाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे इस जानकारी को अपने आसपास के जरूरतमंद परिवारों तक जरूर पहुंचाएं। समय पर जानकारी मिलने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
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इस अवसर पर जिला महामंत्री विनोद पांडेय, सांथा ब्लाक प्रमुख अरविन्द जायसवाल, प्रभारी सीडीपीओ अभिलाषा मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश हेतु जागरूकता अभियान सामाजिक समानता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
