🔴 देवरिया भूमि विवाद: सिविल कोर्ट के स्टेटस क्वो आदेश की अवहेलना, अवैध निर्माण और जान से मारने की धमकी का आरोप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।जनपद देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र से एक गंभीर भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां सिविल कोर्ट द्वारा पारित स्टेटस क्वो आदेश के बावजूद कथित रूप से अवैध निर्माण और जबरन कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पुलिस सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गडेर (थाना भलुअनी) निवासी धनेश पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि आराजी संख्या 669, जो उनके परिवार के नाम दर्ज है, न्यायालय में विचाराधीन है। इस भूमि को लेकर वर्ष 2012 में माननीय सिविल न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से Status Quo बनाए रखने का आदेश पारित किया गया था।
इसके बावजूद आरोप है कि बन्धु व पप्पू पुत्रगण रामनिवास (निवासी— ग्राम गडेर) व जीतेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग कोर्ट के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए भूमि पर बाउंड्री निर्माण और नींव खुदाई करा रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यह कार्य जबरन कब्जा करने की नीयत से किया जा रहा है।
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⚠️ धमकी और फर्जीवाड़े की आशंका
धनेश पाण्डेय के अनुसार, जब उन्होंने अवैध निर्माण का विरोध किया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही यह भी आशंका जताई गई कि उक्त भूमि को जालसाजी और धोखाधड़ी के माध्यम से किसी तीसरे व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया जा सकता है।
पीड़ित परिवार इस घटनाक्रम से भय और असुरक्षा की स्थिति में है और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
📄 दस्तावेज उपलब्ध, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज, न्यायालय का स्टेटस क्वो आदेश और अन्य साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें शिकायत के साथ संलग्न किया गया है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि—
- मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण तुरंत रोका जाए
- दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो
- परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए
🚨 भूमाफियाओं का बढ़ता आतंक, कानून-व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो मामला और अधिक गंभीर हो सकता है। यह प्रकरण केवल न्यायालय की अवमानना ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। - ये भी पढ़ें – बेलभरिया में अवैध कब्जे से ठप जल निकासी व्यवस्था
- पीड़ित का यह भी आरोप है कि भूमाफिया, लेखपाल से कानूनगो तक की मिलीभगत से न्यायालय के स्टे के बावजूद जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि उनके पुत्र के नाम दर्ज है, जो वर्तमान में न्यायालय में CJM के पद पर बिहार में कार्यरत हैं।
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❓ न्याय करने वालों को ही न्याय नहीं?
पीड़ित ने सवाल उठाया है कि जब उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में न्याय करने वाले परिवार को ही न्याय नहीं मिल पा रहा, तो आम नागरिक भूमाफिया के प्रभाव में प्रशासन से कैसे सुरक्षा की उम्मीद करे।
📍 वर्तमान स्थिति
फिलहाल पीड़ित ने थाना भलुअनी, उच्च पुलिस अधिकारियों और प्रशासन को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील देवरिया भूमि विवाद पर कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करता है।
