राइफलमैन ओमप्रकाश गुप्ता का सैनिक सम्मान के साथ पुरैनी घाट पर अंतिम संस्कार, गांव में उमड़ा जनसैलाब
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुरैनी (टोला विजयपुर) निवासी राइफलमैन ओमप्रकाश गुप्ता का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। मणिपुर–म्यांमार सीमा के दुर्गम क्षेत्र में तैनात रहे राइफलमैन ओमप्रकाश गुप्ता (उम्र 52 वर्ष), पुत्र कोटयी गुप्ता, का इलाज के दौरान 9 फरवरी की रात्रि दिल्ली में निधन हो गया था।
सेना के संरक्षण में पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाया गया। इसके बाद पुरैनी नदी घाट पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना की टुकड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज से लिपटे पार्थिव शरीर को सलामी दी और पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार के समय घाट पर हजारों ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर ओर “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों के बीच माहौल गमगीन रहा। शहीद सैनिक के परिवार को ढांढस बंधाते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने देश सेवा में उनके योगदान को याद किया।
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सेना, पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में राइफलमैन बिजेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक पारस नाथ गुप्ता, एसएसबी, एनसीसी, अन्य पूर्व सैनिक अधिकारी, तथा जनप्रतिनिधियों में पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, द्विग्विजय सिंह, राजेश प्रताप राव, बंटी राव, भगवन्त यादव, पूर्व प्रधान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल रहे। महिलाओं और युवाओं ने भी नम आंखों से पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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देश सेवा का प्रेरणादायी जीवन
राइफलमैन ओमप्रकाश गुप्ता ने वर्षों तक सीमांत क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा की। मणिपुर–म्यांमार जैसे दुर्गम इलाकों में तैनाती के दौरान उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और साहस का परिचय दिया। उनका निधन न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
