महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।फरेंदा क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव निवासी 17 वर्षीय आदित्य चौरसिया की संदिग्ध मौत के बाद शनिवार को पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बीते 6 फरवरी की सुबह लेजार महदेवा क्षेत्र में एक बगीचे के पास गेहूं के खेत से पुलिस ने आदित्य का शव बरामद किया था।
पोस्टमार्टम के बाद जब आदित्य चौरसिया का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग जुट गए।
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न्याय की मांग पर अड़े रहे परिजन
शनिवार सुबह आदित्य चौरसिया मौत मामले में परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। उनका कहना था कि जब तक मुकदमे में नामजद आरोपियों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
परिजनों के विरोध के चलते कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी सिद्धार्थ, सीओ अनिरुद्ध कुमार, फरेंदा तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा, फरेंदा कोतवाल योगेंद्र कुमार राय, पुरंदरपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार राय और बृजमनगंज थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
वरिष्ठ नेता श्याम सुंदर दास भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शाम 4 बजे निकली अंतिम यात्रा
लगातार समझाने-बुझाने और प्रशासनिक आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे आदित्य चौरसिया की अंतिम यात्रा बैकुंठपुर गांव से त्रिमुहानी घाट के लिए निकाली गई। पुलिस की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
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प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन की ओर से साफ कहा गया है कि आदित्य चौरसिया संदिग्ध मौत मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि गांव में अब भी मातम पसरा हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
