फॉर्म-7 में गलत जानकारी पर एक साल की सजा, डीएम ने राजनीतिक दलों को किया सतर्क
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जिसमें जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उद्देश्य साफ था—मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना।
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फॉर्म-6 पर जोर: नए व महिला मतदाताओं की भागीदारी
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने राजनीतिक दलों से फॉर्म-6 के माध्यम से अधिक से अधिक नए, युवा और महिला मतदाताओं के नाम जुड़वाने की अपील की। स्पष्ट किया गया कि जो नागरिक 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे कर रहे हैं, वे मतदाता बनने के पात्र हैं। जागरूकता अभियानों से सूची अधिक समावेशी बनेगी।
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फॉर्म-7 के सख्त नियम: प्रमाण अनिवार्य
बैठक में फॉर्म-7 नियमों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आपत्तिकर्ता को पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और EPIC नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। साथ ही स्पष्ट कारण बताने होंगे—
मतदाता का निधन
स्थानांतरण,अंडरएज होना,लंबे समय से अनुपस्थिति,केवल आपत्ति दर्ज करना पर्याप्त नहीं, प्रमाण संलग्न करना अनिवार्य है।
झूठी जानकारी पर कड़ी कार्रवाई
डीएम ने चेताया कि फॉर्म-7 घोषणा पत्र अत्यंत गंभीर विषय है। यदि जांच में गलत या झूठी जानकारी पाई गई, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं को सही जानकारी देने का आग्रह किया गया।
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नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाताओं की सुनवाई
जनपद में नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाता मामलों में नोटिस जारी कर सुनवाई चल रही है। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को तय तिथि पर AERO के समक्ष साक्ष्यों के साथ उपस्थित होना होगा। दोबारा नोटिस का इंतजार न करने की सलाह दी गई।
राजनीतिक दलों की समस्याएं, समाधान का आश्वासन
प्रतिनिधियों ने व्यावहारिक समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर निर्देश देते हुए भरोसा दिलाया कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप समयबद्ध समाधान होगा।
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लोकतंत्र मजबूत करने की अपील
अंत में डीएम ने कहा कि निष्पक्ष और व्यापक मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। प्रशासन-राजनीतिक दलों के समन्वय से यह लक्ष्य हासिल होगा।
