सपा नेता रणधीर सिंह के पुत्र आशुतोष सिंह ने JRF क्वालिफाई कर बढ़ाया मऊ जिले का मान, 99.78 परसेंटाइल से रचा कीर्तिमान
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रणधीर सिंह टडियाव के बड़े पुत्र आशुतोष सिंह ने JRF (Junior Research Fellowship) परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल प्राप्त कर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मऊ जिले का गौरव बढ़ाया है। आशुतोष सिंह की इस शानदार सफलता से क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल है, वहीं बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है।
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JRFस्कूल में तोड़फोड़, शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उच्च परसेंटाइल हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम माना जाता है। आशुतोष सिंह JRF क्वालिफाई कर उन चुनिंदा प्रतिभाशाली युवाओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जो शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का भविष्य गढ़ते हैं। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में मऊ जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने आशुतोष सिंह को शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस पार्टी के प्रिंट मीडिया प्रभारी एडवोकेट सतीश कुमार पांडे ने बधाई देते हुए कहा कि आशुतोष की सफलता युवाओं के लिए संदेश है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और सतत मेहनत से किसी भी परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इसे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में जिले की बड़ी उपलब्धि बताया।
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परिवारजनों ने आशुतोष की सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया। उनका कहना है कि आशुतोष शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे हैं और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते रहे हैं। JRF परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल हासिल कर उन्होंने अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
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क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों को उम्मीद है कि आशुतोष सिंह आगे चलकर शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उनकी यह सफलता साबित करती है कि ग्रामीण और जिला स्तर से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। आशुतोष सिंह JRF क्वालिफाई की खबर सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में भी खासा चर्चा का विषय बनी हुई है।
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यह उपलब्धि न सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि मऊ जिले की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाली खबर भी है। आने वाले समय में उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को NET JRF परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी और जिले में शिक्षा का माहौल और सशक्त होगा।
