औरैया,(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद औरैया के ब्लॉक एरवाकटरा स्थित ग्राम बीबीपुर की गौशाला में मृत गोवंशों से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का जिलाधिकारी डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल उप जिलाधिकारी बिधूना को स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने औरैया गौशाला मामला को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बना दिया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की।
स्थलीय निरीक्षण में उजागर हुई चौंकाने वाली हकीकत
उप जिलाधिकारी बिधूना द्वारा गौशाला का निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि गौशाला परिसर में मृत गोवंशों का नियमानुसार अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। यह स्थिति न केवल शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन थी, बल्कि मानवीय और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर मानी गई।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गौशाला में ठंड से बचाव हेतु समुचित प्रबंध नहीं किए गए थे। सर्द मौसम में गोवंशों के लिए आवश्यक संरक्षण उपायों की अनदेखी की गई, जिससे उनके बीमार पड़ने और मृत्यु की आशंका बढ़ गई।
चारे, साफ-सफाई और रख-रखाव में भारी कमी
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि गौशाला में गोवंशों के प्रयोगार्थ पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा एवं अन्य पोषक आहार की उपलब्धता नहीं थी। रख-रखाव की व्यवस्था भी अत्यंत खराब पाई गई।
इसके अतिरिक्त गौशाला परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई। यह स्थिति स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी नहीं की जा रही थी।
जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई, अधिकारियों पर गिरी गाज
औरैया गौशाला मामला में उप जिलाधिकारी बिधूना की जांच आख्या के आधार पर जिलाधिकारी डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
संबंधित ग्राम के ग्राम विकास अधिकारी अनुज कुमार को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
विकास खण्ड एरवाकटरा के खण्ड विकास अधिकारी संजीव कुमार पाण्डेय को पर्यवेक्षणीय शिथिलता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
पशु चिकित्साधिकारी एरवाकटरा डा. दिलीप कुमार को जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी आदेशों की अवहेलना एवं लापरवाही के आधार पर प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई।
संबंधित ग्राम प्रधान को गौवंश संरक्षण स्थल के समुचित प्रबंधन और देख-रेख में लापरवाही पाए जाने पर उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, दिए गए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को गौशालाओं के संचालन, निरीक्षण और देख-रेख में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
तत्काल चिकित्सा सुविधा और शव निस्तारण
जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा गौ आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंशों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। सभी गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, ताकि किसी भी बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार किया जा सके।
मृत गोवंशों का नियमानुसार एवं सम्मानजनक ढंग से शव निस्तारण भी करा दिया गया, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की स्वास्थ्य या स्वच्छता संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
सभी गौ आश्रय स्थलों के नियमित निरीक्षण के निर्देश
प्रकरण से सबक लेते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में स्थित सभी गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि—
गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा व पानी उपलब्ध हो
ठंड व गर्मी से बचाव के समुचित इंतजाम हों
साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था हो
बीमार गोवंशों को समय पर चिकित्सीय सुविधा मिले
प्रशासन की सख्ती से मिला स्पष्ट संदेश
औरैया गौशाला मामला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन गोवंश संरक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित संज्ञान, जांच और कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन जनभावनाओं और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
