लखीमपुर खीरी (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल सीमा से सटे सुदूर थारू बहुल एवं सीमावर्ती इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 का शुभारंभ किया गया है। इस व्यापक अभियान के माध्यम से लगभग ढाई लाख से अधिक लोगों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां आज भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित है। इस वर्ष के कार्यक्रम में केजीएमयू, एम्स, एसजीपीजीआई और बीएचयू सहित देशभर के 1000 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक, डॉक्टर एवं मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं। दुर्गम इलाकों में पोर्टेबल जांच मशीनों के माध्यम से त्वरित जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अभियान के तहत 6 और 7 फरवरी को लगभग 300 ग्रामीण केंद्रों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जबकि 8 फरवरी को संबंधित जिलों में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन होगा। स्वास्थ्य मेले में निःशुल्क जांच, दवा वितरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श प्रदान किया जाएगा।
पिछले पांच वर्षों में इस अभियान के माध्यम से चार लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इस वर्ष 2.5 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिविरों के दौरान स्वच्छता किट वितरण, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यशालाएं, महिलाओं के लिए माहवारी स्वच्छता जागरूकता, दंत एवं नेत्र जांच, चश्मा वितरण तथा आधार और आयुष्मान कार्ड पंजीकरण की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही थारू समाज से जुड़े स्वास्थ्य अनुसंधान पर भी कार्य किया जाएगा।
अभियान में स्वयंसेवक पैदल यात्रा कर दूरस्थ गांवों तक दवा और चिकित्सा सेवाएं पहुंचाएंगे। मेडिकल छात्रों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रेस वार्ता में एनएमओ लखीमपुर इकाई अध्यक्ष डॉ. रमा रमन मिश्रा, अवध प्रांत संगठन मंत्री डॉ. जय राम, डॉ. अश्वनी गुप्त, मनीष मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
लखीमपुर जिले में स्वास्थ्य शिविर 6 व 7 फरवरी को तथा विशाल स्वास्थ्य मेला 8 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।
