झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 बनाम बोर्ड परीक्षा: 23 फरवरी को मतदान और जैक इंटर–ICSE परीक्षा से बढ़ी छात्रों की चिंता
✍️ रिपोर्ट: विशेष संवाददाता (राष्ट्र की परम्परा)
रांची झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 और बोर्ड परीक्षाओं की तारीख एक साथ घोषित होने से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग की चिंता अचानक बढ़ गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने घोषणा की है कि 23 फरवरी 2026 को राज्य के 48 नगर निकायों में एक ही चरण में मतदान होगा। संयोग नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक टकराव यह है कि इसी दिन जैक इंटर परीक्षा और ICSE 12वीं बोर्ड परीक्षा भी निर्धारित हैं।
यह स्थिति केवल तारीखों का टकराव नहीं, बल्कि ट्रैफिक, सुरक्षा, शिक्षक ड्यूटी और परीक्षा केंद्र प्रबंधन जैसी जमीनी चुनौतियों का बड़ा संकट बनकर उभर रही है।
48 नगर निकायों में एक साथ मतदान, बैलेट पेपर से चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, झारखंड के 09 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में एक साथ मतदान कराया जाएगा।
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मतदान बैलेट पेपर से होगा– NOTA का विकल्प नहीं रहेगा,2 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी होगी,उसी दिन से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी,चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए राज्यभर में संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथ चिह्नित किए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होगी।
23 फरवरी को कौन-कौन सी परीक्षाएं होंगी?
23 फरवरी 2026 झारखंड के शिक्षा कैलेंडर का सबसे व्यस्त दिन बनने जा रहा है।
जैक इंटर (आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स):हिंदी बी (Compulsory Core Language),मातृभाषा की परीक्षा,ICSE 12वीं बोर्ड:केमिस्ट्री परीक्षा (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक),ICSE 10वीं बोर्ड: रोबोटिक एंड AI बेसिक डेटा इंटरप्रेटर इसका सीधा असर लाखों छात्रों की आवागमन व्यवस्था पर पड़ेगा।
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जहां परीक्षा, वहीं पोलिंग बूथ: दोहरी व्यवस्था का दबाव,जैक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:मैट्रिक परीक्षा: 4,23,861 छात्र
1232 परीक्षा केंद्र
इंटर परीक्षा: 2,12,547 छात्र,757 परीक्षा केंद्र
इनमें से अधिकांश स्कूल और कॉलेज वही हैं जिन्हें चुनाव के दौरान मतदान केंद्र भी बनाया जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—
👉 पहले परीक्षा होगी या मतदान?
👉 एक ही परिसर में दोनों गतिविधियां कैसे संचालित होंगी?
ट्रैफिक और सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती,चुनाव के दिन आमतौर पर:बैरिकेडिंग,वाहन जांच,रूट डायवर्जन,पुलिस गश्त जैसी व्यवस्थाएं लागू रहती हैं। ऐसे हालात में ग्रामीण इलाकों से शहरों में परीक्षा देने आने वाले छात्रों के लिए समय पर केंद्र पहुंचना बड़ी चुनौती बन सकता है। गार्जियन मानते हैं कि मतदान सुबह शुरू होने से दोपहर की परीक्षाओं पर भी असर पड़ सकता है।
शिक्षक ड्यूटी से परीक्षा व्यवस्था पर संकट
चुनावों में परंपरागत रूप से शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगाई जाती है।
लेकिन परीक्षा केंद्रों पर भी वही शिक्षक—केंद्र अधीक्षक,वीक्षक,रूम कंट्रोलर,की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में एक ही दिन दोनों जिम्मेदारियां निभाना व्यवहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है।
अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी चुनावी माहौल में
चुनावी अवधि में केवल इंटर या ICSE ही नहीं, बल्कि:8वीं की परीक्षा: 24 फरवरी
11वीं की परीक्षा: 25, 26, 27 फरवरी
9वीं की परीक्षा: 28 फरवरी से
पूरे परीक्षा कैलेंडर पर चुनावी असर साफ दिखेगा।
गार्जियन की मांग: छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
अभिभावकों की प्रमुख मांगें हैं:
परीक्षार्थियों के लिए अलग ट्रैफिक कॉरिडोर
परीक्षा केंद्रों तक विशेष पास/अनुमति
संवेदनशील इलाकों में विशेष वाहन सुविधा
गार्जियन का कहना है कि “चुनाव लोकतंत्र का पर्व है, लेकिन बच्चों का भविष्य उससे भी ज्यादा अहम है।”
🔎 निष्कर्ष
झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 और जैक इंटर–ICSE परीक्षा का एक ही दिन होना प्रशासन के लिए कसौटी है। यदि समय रहते समन्वय नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर लाखों छात्रों पर पड़ सकता है। अब निगाहें राज्य सरकार, निर्वाचन आयोग और शिक्षा विभाग के समन्वित फैसले पर टिकी हैं।
