जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत: SIT जांच तेज, मोबाइल-CCTV से खुलेगा पूरा सच
जहानाबाद (राष्ट्र की परम्परा )जहानाबाद की रहने वाली और पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने बिहार के प्रशासनिक और पुलिस सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। नये तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस मामले को हाई प्रोफाइल जांच घोषित कर दिया है। डीजीपी के स्पष्ट निर्देश हैं कि विधानसभा सत्र से पहले पूरे केस की परतें खोली जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई हो।
पुलिस मुख्यालय के दबाव के बीच अब यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि संभावित आपराधिक साजिश की जांच बन चुका है। इसी क्रम में मुख्यालय ने SIT से करीब 40 अहम सवालों के जवाब मांगे हैं, जो हॉस्टल, हॉस्पिटल, परिवार और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर केंद्रित हैं।
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मुख्यालय की बैठक के बाद तेज हुई जांच
मंगलवार को एडीजी CID पारसनाथ और एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार के बीच लंबी उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि सिटी एसपी के नेतृत्व में बनी SIT के सभी सदस्यों को अलग-अलग स्पेशल टास्क दिए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय ने कुल 59 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें से 40 से अधिक सवालों के जवाब आईजी सेंट्रल और एसएसपी पटना से मांगे गए हैं।
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मोबाइल और डिजिटल ट्रांजेक्शन बने जांच की धुरी
अब NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में सबसे अहम कड़ी पीड़िता का मोबाइल फोन बन गया है। पुलिस छात्रा के मोबाइल से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट, ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है। यह जानने की कोशिश हो रही है कि पैसे का लेन-देन कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुआ। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही ट्रांजेक्शन छात्रा के अंतिम दिनों की सच्चाई उजागर कर सकते हैं।
व्हाट्सएप मैसेज से बढ़ा रहस्य
हॉस्पिटल के एक डॉक्टर के बयान ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। डॉक्टर के अनुसार छात्रा के मोबाइल से एक व्हाट्सएप मैसेज भेजा गया था, जिसमें कहा गया था कि परिवार केस दर्ज नहीं कराना चाहता। सवाल यह है कि यह मैसेज किसने और किन हालात में भेजा। क्या यह छात्रा ने स्वयं लिखा या किसी और ने? यह पहलू अब SIT की प्राथमिक जांच सूची में शामिल है।
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CCTV फुटेज की होगी FSL जांच
जिस CCTV फुटेज के आधार पर दावा किया गया था कि घटना के दिन छात्रा के कमरे में कोई नहीं गया, उसे अब FSL जांच के लिए भेजने की तैयारी है। पुलिस को आशंका है कि फुटेज से छेड़छाड़ या सबूतों के नष्ट होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित थे या नहीं, यह भी जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस की भूमिका भी कटघरे में
इस मामले में स्थानीय थाना से लेकर अनुमंडल स्तर तक की पुलिस की भूमिका की जांच होगी। शुरुआती जांच में लापरवाही, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या साक्ष्य सुरक्षित न रखने जैसे बिंदुओं पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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SIT अब तक पटना और जहानाबाद में चार लोगों से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि उन्हें फिलहाल घर जाने दिया गया है, लेकिन उनके बयानों का मिलान डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों से किया जा रहा है।
स्पष्ट है कि जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत अब एक बड़े सच की ओर बढ़ रही है, जहां हर कड़ी जोड़कर न्याय तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
