छत्तीसगढ़ बीजापुर में नक्सली प्रेशर बम धमाके, 11 सुरक्षाकर्मी घायल
बीजापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए कई प्रेशर बम धमाकों में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह घटना तेलंगाना सीमा से सटे उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सामने आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमाके रविवार को सर्च ऑपरेशन के समय हुए।
घायलों में 10 जवान जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और एक जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन से है। कोबरा 210वीं बटालियन के घायल उप निरीक्षक की पहचान रुद्रेश सिंह के रूप में हुई है। सभी घायलों को रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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घायलों की स्थिति और इलाज
पुलिस के मुताबिक, रुद्रेश सिंह और DRG के दो जवानों को पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन अन्य कर्मियों की आंखों में छर्रे लगे हैं। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि तीन जवानों का ऑपरेशन किया जा चुका है और एक अन्य का ऑपरेशन जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
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कर्रेगुट्टा क्षेत्र: नक्सलियों का गढ़
कर्रेगुट्टा पहाड़ियों का इलाका लंबे समय से माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। नवंबर 2025 में सुरक्षाबलों ने यहां ताड़पाला गांव में अपना कैंप स्थापित किया था, जिससे नक्सली गतिविधियों पर दबाव बढ़ा। यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियां नक्सलियों को छिपने का अवसर देती हैं।
पिछले बड़े ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
अप्रैल–मई 2025 में केंद्रीय और राज्य सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के आसपास 21 दिनों का व्यापक अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन में कम से कम 31 नक्सली ढेर किए गए थे। अभियान के दौरान 35 हथियार, 450 बारूदी सुरंगें, बड़ी संख्या में डेटोनेटर, विस्फोटक उपकरण, चिकित्सा आपूर्ति, बिजली उपकरण और नक्सली दस्तावेज जब्त किए गए थे। यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मानी गई थी।
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सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति
लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर DRG और CRPF कोबरा की संयुक्त टीमें इलाके में सर्च और एरिया डॉमिनेशन अभियान चला रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां IED/प्रेशर बम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण का इस्तेमाल कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सघन तलाशी जारी है और नक्सलियों के मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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निष्कर्ष
बीजापुर नक्सली हमला एक बार फिर बताता है कि क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। प्रेशर बम धमाके के बावजूद जवानों की स्थिति स्थिर है और अभियान जारी है। आने वाले दिनों में इलाके में सुरक्षा और कड़ी किए जाने की संभावना है।
