बुढ़ापे की सुरक्षा की गारंटी देने वाली सरकारी पहल
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को बुढ़ापे में 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुनिश्चित सुविधा देना है।
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दो चरणों में होगा पंजीकरण अभियान
उप श्रम आयुक्त गोरखपुर क्षेत्र के अनुसार पंजीकरण दो चरणों में किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में यह अभियान 15 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक पंजीकरण किया जाएगा। इस दौरान पात्र श्रमिक और व्यापारी आसानी से योजना से जुड़ सकते हैं।
कौन ले सकता है लाभ
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे असंगठित श्रमिक पात्र होंगे, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है और जो आयकरदाता, ईपीएफ, ईएसआई या एनपीएस के सदस्य नहीं हैं। इसमें रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, मनरेगा मजदूर, खेतिहर मजदूर, बीड़ी एवं चमड़ा उद्योग से जुड़े कामगार, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।
प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के वे छोटे व्यापारी पात्र हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है। दुकान मालिक, खुदरा व्यापारी, वर्कशॉप संचालक, छोटे होटल-रेस्टोरेंट और कमीशन एजेंट इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
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55 से 200 रुपये अंशदान पर पेंशन
दोनों योजनाओं में आयु के अनुसार 55 से 200 रुपये मासिक अंशदान करने पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में पत्नी या पति को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान भी है।
ऐसे करें पंजीकरण
पंजीकरण जन सुविधा केंद्र (CSC) या सीधे https://maandhan.in पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और नामिनी विवरण अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति क्षेत्रीय उप श्रम आयुक्त कार्यालय, 2 पुलिस लाइन्स रोड, गोरखपुर से संपर्क कर सकते हैं।
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सरकार की यह पहल असंगठित श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मजबूत नींव रखती है और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
