संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संत कबीर नगर इकाई के तत्वावधान में श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा उत्सव की द्वितीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर विराट हिंदू समागम एवं समरसता भोज का भव्य व गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना रहा। जिले भर से बड़ी संख्या में नागरिक, समाजसेवी और स्वयंसेवक बंधु-भगिनी इसमें शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में रमेश (प्रांत प्रचारक, गोरक्ष प्रांत) उपस्थित रहे। मंच पर निर्मल (विभाग संघचालक, बस्ती विभाग) और रामगोपाल (जिला संघचालक) की उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता रमेश ने अपने उद्बोधन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तक की संघर्षपूर्ण यात्रा का भावपूर्ण स्मरण कराते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने त्याग, धैर्य, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों से मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श साकार होते हैं।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों के बच्चों का एक साथ शिक्षा ग्रहण करना समरसता की सुदृढ़ परंपरा का प्रतीक है। साथ ही युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ। गीत, नृत्य और भाव-प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, मर्यादा और राम-आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से सराहा।
इस अवसर पर ऋषि दीप (विभाग प्रचारक, बस्ती), धीरज (जिला प्रचारक, संत कबीर नगर), सौरभ (जिला कार्यवाह), राजकुमार (नगर संघचालक), दिग्विजय (जिला प्रचार प्रमुख), रणधीर (सह नगर कार्यवाह), भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, डॉ. केसी पाण्डेय, प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, डॉ. सोनी सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद श्रीवास्तव, नगराध्यक्ष सतविंदर पाल सिंह जज्जी, गौरव निषाद, ज्ञानेंद्र मिश्रा, ब्रह्मानंद पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में समरसता भोज आयोजित हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ सहभागिता कर सामाजिक एकता का संदेश दिया। संपूर्ण आयोजन सौहार्द, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ
