संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा )। मौनी अमावस्या पर्व रविवार को जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र स्थित बिडहरघाट पर श्रद्धा और आस्था के साथ लोगों ने डुबकी लगाई। सुबह से ही मौसम पूरी तरह साफ रहा और धूप खिली रहने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। तड़के से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पावन सरयू में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालु अन्नदान, गोदान, वस्त्रदान सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। पूरे घाट पर हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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अनुकूल मौसम के चलते बिडहरघाट पर दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया और सरयू मैया की विधिवत पूजा-अर्चना की। घाट फूल-मालाओं से सजा रहा। श्रद्धालुओं ने महाकाल मंदिर में जलाभिषेक कर मन्नतें मांगीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई।
मौनी अमावस्या के अवसर पर जिले की राप्ती, आमी, कुआंनो सहित अन्य नदियों और पवित्र स्थलों पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान और दान-पुण्य किया। विभिन्न स्थानों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रीय घाटों पर पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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घाट पर जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान, सत्यनारायण कथा और यज्ञ आयोजित होते रहे, जिससे मेले की रौनक बढ़ गई। बिडहरघाट पर लगे मेले में सौंदर्य प्रसाधन, मिठाई सहित अन्य दुकानों पर खरीदारी के लिए भारी भीड़ देखी गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा बिडहरघाट क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए। धनघटा और उमरिया बाजार में बैरिकेडिंग कर बिडहरघाट की ओर जाने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखा गया, जिससे आवागमन सुचारु बना रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। इसी प्रकार अन्य घाटों पर भी व्यवस्था के समाचार मिल रहे हैं।
