Tuesday, January 13, 2026
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वीरता से कला तक: एक ही दिन जन्मे असाधारण लोग

13 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, कला, विज्ञान और शौर्य से भारत को समृद्ध करने वाले नाम

13 जनवरी भारतीय और विश्व इतिहास में एक विशेष दिन है। इस दिन राजनीति, साहित्य, सिनेमा, संगीत, विज्ञान, अंतरिक्ष और सेना जैसे विविध क्षेत्रों में देश और समाज को दिशा देने वाले अनेक महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। इन सभी विभूतियों ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर पहचान बनाई। आइए जानते हैं 13 जनवरी को जन्मे ऐसे ही महान लोगों के जीवन, जन्म स्थान और राष्ट्रहित में उनके योगदान के बारे में विस्तार से।

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अश्मित पटेल (जन्म: 13 जनवरी 1978)
अश्मित पटेल का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। वे प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता हैं और बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल के भाई हैं। अश्मित ने फिल्म इंतकाम से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में मर्डर, दिल दिया है, इंसाफ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वे कई रियलिटी शोज़ जैसे बिग बॉस में भी नजर आए। उन्होंने हिंदी सिनेमा में ग्लैमर और प्रयोगधर्मी भूमिकाओं को बढ़ावा दिया। युवा कलाकारों के लिए वे यह संदेश देते हैं कि निरंतर प्रयास और धैर्य से पहचान बनाई जा सकती है।
मेजर मोहित शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1978)
मेजर मोहित शर्मा का जन्म रोहतक ज़िला, हरियाणा, भारत में हुआ। वे भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स के जांबाज़ अधिकारी थे। कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उन्होंने असाधारण वीरता और नेतृत्व का परिचय दिया। वर्ष 2009 में आतंकियों से मुठभेड़ में वे वीरगति को प्राप्त हुए। देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनका जीवन युवाओं के लिए साहस, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा है।

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रेज़वाना चौधरी बन्न्या (जन्म: 13 जनवरी 1957)
रेज़वाना चौधरी बन्न्या का जन्म ढाका, बांग्लादेश में हुआ। वे विश्वविख्यात रवीन्द्र संगीत गायिका हैं। उन्होंने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की संगीत परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त बनाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने संगीत शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया और युवा पीढ़ी को शास्त्रीय एवं रवीन्द्र संगीत से जोड़ा। उनकी गायकी ने सीमाओं से परे सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया।
राकेश शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1949)
राकेश शर्मा का जन्म पटियाला, पंजाब, भारत में हुआ। वे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। 1984 में उन्होंने सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान सोयूज टी-11 से अंतरिक्ष यात्रा की। अंतरिक्ष से भारत को देखकर उन्होंने कहा – “सारे जहाँ से अच्छा” – जो आज भी गर्व का प्रतीक है। भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में उन्होंने देश की रक्षा की और अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की वैश्विक पहचान बनाई। उनका योगदान विज्ञान, तकनीक और युवाओं की वैज्ञानिक सोच को प्रेरित करता है।

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वजूभाई वाला (जन्म: 13 जनवरी 1939)
वजूभाई वाला का जन्म राजकोट ज़िला, गुजरात, भारत में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुजरात विधानसभा के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। बाद में वे कर्नाटक के राज्यपाल बने। संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने, अनुशासन और निष्पक्षता के लिए वे जाने जाते हैं। उन्होंने राजनीति में शुचिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
पंडित शिवकुमार शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1938)
पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म जम्मू, जम्मू-कश्मीर, भारत में हुआ। वे विश्व प्रसिद्ध संतूर वादक थे। उन्होंने संतूर को भारतीय शास्त्रीय संगीत की मुख्यधारा में प्रतिष्ठा दिलाई। भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक है। फिल्म संगीत में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच तक पहुँचाया।

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शक्ति सामंत (जन्म: 13 जनवरी 1926)
शक्ति सामंत का जन्म बारडोली, गुजरात, भारत में हुआ। वे हिंदी सिनेमा के सफल फिल्म निर्माता और निर्देशक थे। आराधना, कटी पतंग, अमर प्रेम जैसी क्लासिक फिल्मों से उन्होंने सिनेमा को नई ऊँचाइयाँ दीं। उन्होंने रोमांटिक और सामाजिक विषयों को मुख्यधारा में लोकप्रिय बनाया। उनका योगदान भारतीय फिल्म उद्योग की पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा।

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जन्मदिन अन्य प्रमुख व्यक्तित्व (संक्षेप में)
मनमोहन सूरी (1928) – दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल; भारत के यांत्रिक अनुसंधान को नई दिशा दी।
मर्री चेन्ना रेड्डी (1919) – हैदराबाद, तेलंगाना; प्रशासन और राजनीति में सुधार।
सी. अच्युत मेनन (1913) – केरल; वामपंथी राजनीति और प्रशासन में संतुलन।
शमशेर बहादुर सिंह (1911) – देहरादून; हिंदी कविता को आधुनिक दृष्टि दी।
दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे (1896) – धारवाड़, कर्नाटक; कन्नड़ साहित्य के स्तंभ।
बदलू सिंह (1876) – उत्तर प्रदेश; प्रथम विश्व युद्ध में अद्भुत वीरता।

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