Friday, February 27, 2026
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मनरेगा से मजबूत होगी गांवों की अर्थव्यवस्था, बढ़ेंगे काम के दिन-कमलेश पासवान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े एक अहम बयान में बांसगांव से सांसद एवं भारत सरकार में मंत्री कमलेश पासवान ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक ग्रामीण परिवारों को जहां 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, वहीं आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 125 दिन किए जाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। यह घोषणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि गांवों में रहने वाले श्रमिकों को अपने ही क्षेत्र में अधिक से अधिक काम मिले, जिससे पलायन रुके और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो। मनरेगा के तहत काम के दिनों में बढ़ोतरी से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि मजदूरी के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय भी सशक्त होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण का माध्यम है। सड़क, तालाब, जल संरक्षण, खेतों की मेड़बंदी जैसे कार्यों से गांवों का समग्र विकास हो रहा है। 125 दिन काम की व्यवस्था लागू होने से इन विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

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स्थानीय स्तर पर इस बयान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। मजदूर वर्ग का मानना है कि यदि काम के दिन बढ़ते हैं, तो आर्थिक दबाव कम होगा और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना आसान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला ग्रामीण बाजार, कृषि गतिविधियों और उपभोक्ता मांग को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

सरकार की इस पहल को सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए और अधिक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरेगा।

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