6 जनवरी इतिहास के पन्नों में एक ऐसा दिन है, जिसने भारत की राजनीति, विश्व कूटनीति, सामाजिक सेवा, सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया। इस दिन घटित घटनाएँ केवल तारीखें नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्रों की दिशा बदलने वाले निर्णय, संघर्ष, बलिदान और उपलब्धियाँ हैं। आइए 6 जनवरी के इतिहास की प्रमुख घटनाओं को विस्तृत, तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक रूप में समझते हैं।
1664 – छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा सूरत पर आक्रमण
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630, शिवनेरी दुर्ग, जुन्नर (पुणे जिला), महाराष्ट्र, भारत में हुआ।
6 जनवरी 1664 को उन्होंने मुगल साम्राज्य के समृद्ध व्यापारिक केंद्र सूरत (गुजरात, भारत) पर आक्रमण किया। यह हमला केवल धन प्राप्ति नहीं था, बल्कि मुगल सत्ता की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की रणनीति थी। इससे मराठा साम्राज्य को संसाधन मिले और स्वराज्य की नींव मजबूत हुई। शिवाजी महाराज का योगदान भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, प्रशासनिक सुधार और सैन्य रणनीति के लिए अमर है।
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1929 – मदर टेरेसा का भारत आगमन
मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910, स्कोप्जे (उस समय ओटोमन साम्राज्य, वर्तमान में उत्तरी मैसेडोनिया) में हुआ।
6 जनवरी 1929 को वे भारत के कलकत्ता (कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत) पहुँचीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत के गरीब, बीमार और उपेक्षित लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना कर उन्होंने मानवता को नई दिशा दी। उनका योगदान निस्वार्थ सेवा, करुणा और वैश्विक मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।
1947 – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभाजन स्वीकार
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885, बंबई (मुंबई), महाराष्ट्र, भारत) में हुई।
6 जनवरी 1947 को कांग्रेस कमेटी ने भारत के विभाजन को स्वीकार किया। यह निर्णय ऐतिहासिक, पीड़ादायक लेकिन तत्कालीन परिस्थितियों में राजनीतिक समाधान के रूप में लिया गया। इस फैसले ने भारत और पाकिस्तान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। देशहित में यह निर्णय आज़ादी की प्रक्रिया का एक जटिल लेकिन निर्णायक अध्याय था।
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1950 – ब्रिटेन द्वारा चीन की कम्युनिस्ट सरकार को मान्यता
1 अक्टूबर 1949 को गठित चीन की जनवादी गणराज्य सरकार (बीजिंग, चीन) को 6 जनवरी 1950 को ब्रिटेन ने मान्यता दी।
यह कदम शीत युद्ध के दौर में वैश्विक कूटनीति का महत्वपूर्ण संकेत था। इससे चीन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और एशिया की राजनीति में शक्ति संतुलन बदला। यह घटना विश्व राजनीति में यथार्थवादी कूटनीति का उदाहरण है।
1976 – चीन का परमाणु परीक्षण
चीन ने लोप नोर (शिनजियांग, चीन) क्षेत्र में 6 जनवरी 1976 को परमाणु परीक्षण किया।
यह परीक्षण चीन की सैन्य और वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन था। इससे एशिया में सामरिक संतुलन प्रभावित हुआ और भारत सहित कई देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर असर पड़ा। यह घटना वैश्विक परमाणु राजनीति और शक्ति प्रदर्शन का महत्वपूर्ण अध्याय है।
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1980 – सातवीं लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी की ऐतिहासिक जीत
इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917, इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश, भारत) में हुआ।
6 जनवरी 1980 के आसपास घोषित परिणामों में उनकी अगुवाई वाली कांग्रेस पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला। यह जीत राजनीतिक पुनरुत्थान का प्रतीक थी। उन्होंने देश में स्थिर सरकार, विदेश नीति और आर्थिक सुधारों को नई दिशा दी।
1983 – आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस की हार
6 जनवरी 1983 के दौरान कांग्रेस को पहली बार आंध्र प्रदेश और कर्नाटक विधानसभा चुनावों में हार मिली।
यह घटना क्षेत्रीय दलों के उदय और भारतीय लोकतंत्र में बहुदलीय व्यवस्था की मजबूती का संकेत थी। इससे राजनीति में सत्ता के केंद्रीकरण की जगह जनादेश की विविधता सामने आई।
1989 – इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषियों को फाँसी
इंदिरा गांधी की हत्या के दोषी सतवंत सिंह और केहर सिंह को 6 जनवरी 1989 को फाँसी दी गई।
यह निर्णय भारतीय न्याय व्यवस्था में एक संवेदनशील और ऐतिहासिक घटना था। इससे कानून के शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सख्त संदेश गया।
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2002 – भारत की कूटनीतिक और सैन्य सक्रियता
6 जनवरी 2002 को भारत ने सीमा में घुसे पाकिस्तानी जासूसी विमान को मार गिराया।
इसी वर्ष काठमांडू (नेपाल) में दक्षेस शिखर सम्मेलन सम्पन्न हुआ, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प लिया गया। यह भारत की राजनीतिक और कूटनीतिक सफलता मानी गई।
2007 – केदारनाथ सिंह को भारत भारती सम्मान
केदारनाथ सिंह का जन्म 7 जुलाई 1934, बलिया जिला, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ।
6 जनवरी 2007 को उन्हें भारत भारती सम्मान देने की घोषणा हुई। उन्होंने हिंदी कविता को जनसंवेदना, ग्रामीण यथार्थ और सांस्कृतिक चेतना से समृद्ध किया। साहित्य में उनका योगदान राष्ट्रीय बौद्धिक विरासत का हिस्सा है।
2010 – दिल्ली मेट्रो यमुना बैंक–आनंद विहार सेक्शन शुरू
6 जनवरी 2010 को नई दिल्ली, भारत में इस मेट्रो सेक्शन का संचालन शुरू हुआ।
यह शहरी परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम था। इससे पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को लाभ मिला और आधुनिक भारत की बुनियादी ढाँचा क्षमता प्रदर्शित हुई।
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2012 – दमिश्क में आत्मघाती हमला
6 जनवरी 2012 को दमिश्क, सीरिया में हुए आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हुई।
यह घटना सीरिया संकट और वैश्विक आतंकवाद की भयावहता को दर्शाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और मानवीय सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए।
