महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के ग्राम मुहम्मदपुर सिवान में नहर विभाग की लापरवाही ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जर्जर नहर बंधा टूटने से नहर का पानी खेतों में घुस गया, जिससे सैकड़ों बीघे में खड़ी गेहूं, सरसों समेत अन्य रबी फसलें जलमग्न हो गईं। अचानक आई इस आपदा से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान खेतों की ओर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर का बंधा वर्षों से कमजोर स्थिति में है। कई बार शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग ने केवल अस्थायी मरम्मत कर जिम्मेदारी से बचने का काम किया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी मरम्मत कराई जाती, तो यह नुकसान टाला जा सकता था।
स्थानीय किसान उदयभान यादव ने बताया कि उनके खेत के सामने हर साल नहर का बंधा टूटता है और हर बार फसल बर्बाद होती है। पहले से अधिक नमी, ठंड और समय पर सिंचाई न मिलने से फसल कमजोर थी, ऊपर से नहर टूटने से हालात और बिगड़ गए। जल निकासी की ठोस व्यवस्था न होने से खेतों में भरा पानी निकल नहीं पा रहा, जिससे फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
इस घटना में विमला देवी, सूर्यभान यादव, उमेश गुप्ता, उमेंद्र गुप्ता, मुराली गुप्ता सहित दर्जनों किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई किसानों की पूरी फसल डूब चुकी है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कराने, नहर बंधे की स्थायी मरम्मत और तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के जिलेदार प्रकाश अग्रवाल के निर्देश पर नहर का फाटक बंद कराया गया, जिससे पानी का बहाव कुछ हद तक नियंत्रित हुआ।
अवर अभियंता, सिंचाई परतावल प्राची गुप्ता ने बताया कि ओवरफ्लो के कारण बंधा क्षतिग्रस्त हुआ है। विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेजकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
हालांकि किसानों का कहना है कि जब तक बंधे की पुख्ता और स्थायी मरम्मत नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान और मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
