Saturday, February 28, 2026
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कप्तानगंज राजवाहा सूखा, हजारों किसानों की आजीविका पर संकट

रबी फसलों की सिंचाई ठप, बरवां एस्केप क्षेत्र में किसानों का फूटा गुस्सा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज के बरवां एस्केप से निकली कप्तानगंज राजवाहा में लंबे समय से पानी न आने के कारण क्षेत्र की खेती-किसानी गंभीर संकट में फंस गई है। रबी सीजन के सबसे अहम दौर में नहर का सूखा पड़ा रहना हजारों किसानों के लिए बड़ी आपदा बन गया है। गेहूं, आलू, चना, मटर और अन्य दलहनी फसलों को इस समय सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और फसलें मुरझाने लगी हैं।

कप्तानगंज राजवाहा बारीगांव, करौता उर्फ नेबुइयां लक्ष्मीपुर, बासपार, परसौनी बुजुर्ग, गोडधोंवा, जगदीशपुर पकड़ी, बिशुनपुर, हरपुर महंत, गबडुआ, बेलवा टीकर, बरवा खुर्द और हरखपुरा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है। इन गांवों के किसान वर्षों से इसी नहर पर निर्भर होकर खेती करते आ रहे हैं। नहर में पानी न आने से किसानों को मजबूरन डीजल पंप और निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है।

किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण यह समस्या हर वर्ष दोहराई जाती है। किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत नहीं होती, तब नहर में पानी छोड़ दिया जाता है और जब फसल को सबसे अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है, तब नहर पूरी तरह सूखी रहती है। इससे किसानों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
पकड़ी बिशुनपुर के किसान सुधीर पांडेय ने कहा, “हमारी कई पीढ़ियों से खेती इसी नहर के सहारे चल रही है। इस बार गेहूं की फसल बेहद अच्छी थी, लेकिन अगर समय पर पानी नहीं मिला तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।”

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वहीं, पकड़ी बिशुनपुर निवासी रिंकू गुप्ता ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने में रोज हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए संभव नहीं है।

भाजपा नेता सत्यदेव शर्मा ने कहा कि हर साल यही स्थिति रहती है। अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और किसान पिंटू दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कप्तानगंज राजवाहा में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

क्षेत्र के किसानों का एक स्वर में कहना है कि यदि नहर चालू हो जाए तो हजारों किसान परिवारों को राहत मिल सकती है। किसानों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से कप्तानगंज राजवाहा में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

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