कोपागंज की श्वेता मौर्य ने रचा इतिहास, मेहंदी से बनाई अनोखी पेंटिंग; बनी वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया बुक की रिकॉर्ड होल्डर
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। “श्वेता मौर्य वर्ल्ड रिकॉर्ड”—यह नाम अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। जनपद मऊ के कोपागंज कस्बे के मोहल्ला पुरानाकोपा निवासी अनिल मौर्य की प्रतिभाशाली पुत्री श्वेता मौर्य ने कला जगत में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया बुक में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया है।
श्वेता ने केवल 3 घंटे में मेहंदी के एक कोन से 21 इंच ऊँची और 13 इंच चौड़ी अनोखी पेंटिंग तैयार कर देशभर को चकित कर दिया। इस ऐतिहासिक कलाकृति में उन्होंने भगवान गणेश के 125 अद्वितीय स्वरूप अत्यंत बारीकी और कलात्मकता के साथ उकेरे। खास बात यह कि यह सम्पूर्ण पेंटिंग केवल 50 ग्राम मेहंदी से बनाई गई, जो भारत में पहली बार इस पैमाने पर किया गया कार्य है।
ये भी पढ़ें –कोपागंज में नाली निर्माण में धांधली का आरोप, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
निर्माण के दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के कई वरिष्ठ अधिकारी लाइव जुड़े रहे और पेंटिंग पूरा होने के बाद इसे औपचारिक रूप से विश्व रिकॉर्ड घोषित किया। साथ ही संगठन ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर श्वेता की पेंटिंग और उनकी तस्वीरें प्रकाशित करते हुए उन्हें सर्टिफिकेट, मेडल और शील्ड प्रदान की।
इस उपलब्धि की खबर फैलते ही कोपागंज सहित पूरे मऊ जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय कलाकार समुदाय ने श्वेता को “जिले का गौरव” बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्वेता के चाचा डॉ. सुमन सिंह कुशवाहा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पेंटिंग विभाग में प्रोफेसर हैं, जिनके मार्गदर्शन ने श्वेता की प्रतिभा को निरंतर संवारने का कार्य किया है।
ये भी पढ़ें –“भगवान विष्णु की दिव्य लीला: अधर्म का अंत और करुणा का उदय
उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा तथा कोपागंज के कलाकार समूह के आदर्शों ने भी श्वेता मौर्य को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल जनपद, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
श्वेता मौर्य ने वर्ल्ड रिकॉर्ड रचकर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा को मंच की नहीं, साहस और समर्पण की जरूरत होती है। “श्वेता मौर्य वर्ल्ड रिकॉर्ड” अब युवा कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।
