Gallbladder Stone Symptoms: अगर आपके पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक तेज दर्द उठता है, जो कुछ देर में ठीक होकर फिर बार-बार लौट आता है, तो सावधान हो जाइए. यह गॉलब्लैडर स्टोन (Gallstone) यानी पित्त की पथरी का शुरुआती संकेत हो सकता है. समस्या यह है कि 99 प्रतिशत लोग इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है.
क्या है गॉलब्लैडर स्टोन?
गॉलस्टोन या पित्त की पथरी गॉलब्लैडर में बनने वाले छोटे ठोस कण होते हैं. ये कोलेस्ट्रॉल और बाइल से मिलकर बनते हैं. जब यह पित्त के रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं, तो पेट में तेज दर्द होता है जो अक्सर पीठ या कंधे तक फैल सकता है.
ये 4 लक्षण नजर आते ही हो जाएं अलर्ट
- बार-बार पेट में दर्द: खासकर ऊपरी दाएं हिस्से में तेज़ और अचानक दर्द उठना.
- खाने के बाद बेचैनी: खासकर तैलीय या मसालेदार भोजन के बाद भारीपन या मिचली महसूस होना.
- मतली और उल्टी: पाचन गड़बड़ी के साथ बार-बार उल्टी आना.
- पीठ या कंधे तक दर्द फैलना: यह गॉलस्टोन का क्लासिक संकेत है.
किन लोगों में ज्यादा खतरा?
महिलाओं में गॉलस्टोन का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक होता है.
40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग.
मोटापा या तेजी से वजन घटाने वाले व्यक्ति.
बार-बार गर्भधारण करने वाली महिलाएं.
कब बन जाती है स्थिति गंभीर?
जब गॉलस्टोन पूरी तरह बाइल डक्ट को ब्लॉक कर देता है, तब यह एक्यूट कोलेसिस्टाइटिस (Acute Cholecystitis) का रूप ले लेता है. इसमें तेज़ बुखार, ठंड लगना, उल्टी और अत्यधिक दर्द के लक्षण दिखते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
इलाज और बचाव के उपाय
अगर दर्द हल्का है, तो दवाइयों और डाइट कंट्रोल से राहत मिल सकती है.
लेकिन बार-बार दर्द होने पर डॉक्टर लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से गॉलब्लैडर निकालने की सलाह देते हैं.
बचाव के उपाय:
तली-भुनी चीजों से परहेज़ करें.
वजन धीरे-धीरे घटाएं.
रोज़ाना हल्का व्यायाम करें.
पर्याप्त पानी पिएं ताकि पित्त का संतुलन बना रहे.
साल में एक बार एब्डॉमिनल अल्ट्रासाउंड करवाएं ताकि समय रहते पता चल सके.
