नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने साफ कहा कि पाकिस्तान अपने निराधार और भड़काऊ बयानों से अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग करता है।
भारत का सख्त संदेश
भारत ने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि यदि उसे वास्तव में मानवाधिकारों की चिंता है, तो सबसे पहले उसे भारत के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को खाली करना चाहिए। भारतीय राजनयिक ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था जीवन रक्षक प्रणाली पर टिकी है, उसकी राजनीति सेना के दबदबे में दबी हुई है और उसका मानवाधिकार रिकॉर्ड गंभीर उल्लंघनों से दागदार है।
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त्यागी ने कहा—
“भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने घर की हालत सुधारनी चाहिए। वह देश है जो आतंकवादियों को पनाह देता है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को शरण देता है और अपने ही नागरिकों पर बमबारी करता है।”
खैबर पख़्तूनख़्वा हमले पर तंज
भारतीय प्रतिनिधि का यह बयान ऐसे समय आया है जब ठीक एक दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की तिराह घाटी के मत्रे दारा गांव में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी से महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 30 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गांव में जले हुए वाहन, ढही हुई इमारतें और मलबे से निकाले जा रहे शव भयावह स्थिति बयां कर रहे थे।
मानवाधिकार परिषद को भारत की नसीहत
भारत ने परिषद को याद दिलाया कि उसका अधिदेश सार्वभौमिक, वस्तुनिष्ठ और गैर-चयनात्मक बना रहना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसी एक देश को निशाना बनाने वाली नीतियाँ केवल पक्षपात और चयनात्मकता की धारणा को जन्म देती हैं।
पाकिस्तान के भीतर भी आलोचना
इसी बीच, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी नागरिकों पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई और कहा कि निर्दोषों की जान लेना किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
