नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)।
भारत में घर या दुकान का किराया नाम (Rent Agreement) बनवाना पहले बड़ी सिरदर्दी हुआ करता था। लोगों को स्टाम्प पेपर के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं, वकील और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और फिर भी हस्तलिखित एग्रीमेंट अदालत में टिक नहीं पाता था। लेकिन अब यह झंझट खत्म हो चुका है।
आज के डिजिटल दौर में आप घर बैठे ही मोबाइल से रेंट एग्रीमेंट तैयार कर सकते हैं और यह पूरी तरह से कानूनी मान्यता प्राप्त भी होगा। अब न तो अलग से स्टाम्प पेपर ढूँढ़ने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरने की।
कैसे बनेगा मोबाइल से रेंट एग्रीमेंट? सबसे पहले किसी रजिस्टर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें।
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- उसमें मकान मालिक और किराएदार की पूरी जानकारी भरें।
- किराए की रकम, जमा राशि, बिजली-पानी का बिल और अन्य शर्तें तय करें।
- एग्रीमेंट का ड्राफ्ट अपने मोबाइल पर तैयार हो जाएगा।
- फिर ई-स्टाम्प और ई-साइन के जरिए इसे कानूनी मान्यता मिल जाएगी।
क्यों है यह तरीका बेहतर?
कोर्ट में मान्य और पूरी तरह से सुरक्षित
समय और पैसे दोनों की बचत
बिना किसी एजेंट या दलाल के
कहीं से भी 24×7 उपलब्ध
आज के समय में घर या दुकान का किराया नाम मोबाइल से बनवाना न सिर्फ आसान है बल्कि कानूनी रूप से भी सुरक्षित है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग अब डिजिटल रेंट एग्रीमेंट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
