Wednesday, March 25, 2026
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पंचायत चुनावों में आरक्षण को लेकर उठी बड़ी मांग

आयोग ने लिया संज्ञान

भागलपुर/ देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा )
विगत दिनों पहले ग्राम प्रधान संगठन की उठी मांग पंचायत में आरक्षण सांसद विधायक की तर्ज पर स्थित किया जाए। ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने निर्वाचन आयोग से मांग की थी। जिसको आयोग ने अपनी संज्ञान में लिया है। ग्राम प्रधान संगठन मंत्री राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संघ के डॉक्टर जनार्दन कुशवाहा ने बताया कि संगठन के उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर नई मांगें तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को हाल ही में प्राप्त शिकायती पत्रों में ग्राम पंचायतों में सीट निर्धारण व आरक्षण की खामियों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
आयोग द्वारा जारी पत्र (संख्या 132/राआयो3030अनु-7/2025, दिनांक 10 सितम्बर 2025) के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिकायती पत्रों को पंचायत राज विभाग को कार्यवाही हेतु भेजा गया है।
सबसे अहम मुद्दा प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने उठाया है। उन्होंने 25 अगस्त को भेजे गए पत्र में मांग की कि पंचायत चुनावों में सांसद और विधायक चुनावों की तर्ज पर सीटों का आरक्षण (रोटेशन व्यवस्था) लागू किया जाए। संगठन का कहना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होगी और सामान्य व पिछड़े वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति के उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा।
इसके अलावा आयोग को प्राप्त अन्य शिकायतों में—
कुछ ग्राम पंचायतों में सीट आरक्षण में अनियमितता,
अनुसूचित जाति की सीट निर्धारण पर आपत्ति,
चुनावी प्रक्रिया के दौरान ग्राम प्रधान पद पर सुरक्षा की कमी जैसी बातें शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इन पत्रों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि पंचायत चुनावों में सांसद और विधायक चुनावों की तरह स्पष्ट और पारदर्शी आरक्षण प्रणाली लागू हो जाती है, तो इससे ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र और भी मजबूत होगा।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस पर आगे क्या फैसला लेती है।

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