यह सत्य है कि सत्य कभी भी
दावा नहीं करता कि मैं सत्य हूँ,
लेकिन झूठ तो हमेशा ही यही
दावा करता है कि मैं ही सत्य हूँ।
समय और जीवन इस संसार में,
सर्वश्रेष्ठ शिक्षक माने जाते हैं,
जीवन समय की, समय जीवन,
के कीमत की सीख भी देते हैं।
मूर्ख व्यक्ति से बहस मत करो,
किसी ज्ञानी को ठुकराओ मत,
अच्छे व्यक्ति को जाने मत दो,
बुरे व्यक्ति को अपनाओ मत।
जब तक साँसे हैं जीवन में तब
तक टकराव तो मिलता रहेगा,
जब तक रिश्ते हैं किसी से तब
तक तो घाव भी मिलता रहेगा।
हमारे पीठ पीछे जो बोलते हैं,
उन्हें पीछे रहकर ही बोलने दो,
हमारे कर्म, भावना और रास्ता,
सही हों इस पर पूरा ध्यान दो।
नाराज़गी और मतभेद बारिसकी,
तरह-बरस कर बह जाना चाहिए।
शांत रहकर आसपास बना रहे,
प्रेम हवा की तरह से होना चाहिए।
आदित्य स्वभाव इतना सरल हो,
कि अनजान भी दोस्त बन जाये,
भाषा ऐसी मीठी हो, कि अपनो को,
ही नही गैरों को भी लगाव हो जाये।
- डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
