Monday, April 20, 2026
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उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों को बड़ा तोहफा, बनेगा नया निगम – वेतन व सुविधाएं बढ़ीं

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) आउटसोर्सिंग कर्मियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें समय से वेतन-सुविधाएं दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया जाएगा। यह निगम कंपनी एक्ट-2013 के सेक्शन-8 के तहत पब्लिक लिमिटेड (नॉन-प्रॉफिटेबल) कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड होगा।

निगम का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्सिंग एजेंसियों का इम्पैनलमेंट, ब्लैकलिस्टिंग, पैनल्टी, मानीटरिंग व मानक निर्धारण करना होगा। चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए एजेंसियों का पंजीकरण जेम पोर्टल पर तीन वर्ष के लिए होगा।

निगम की प्रमुख व्यवस्थाएं आउटसोर्स कर्मियों का पारिश्रमिक, ईपीएफ, ईएसआई हर माह की 5 तारीख तक जमा होगा।आरक्षण का लाभ एससी/एसटी, ओबीसी, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों, दिव्यांगजनों व महिलाओं को मिलेगा।कर्मियों का चयन लिखित परीक्षा, अतिरिक्त योग्यता व स्थायी निवास के आधार पर होगा।कर्मियों को ईएसआईसी (मेडिकल व मातृत्व अवकाश) और ईपीएफ (पेंशन, बीमा, पारिवारिक पेंशन) की सुविधाएं मिलेंगी।नियमित/सृजित पदों के स्थान पर सेवाएं नहीं ली जाएंगी।कर्मियों को हटाने का निर्णय एजेंसी निगम की सहमति से ही करेगी।निगम के खर्च के बाद सर्विस चार्ज का हिस्सा वेलफेयर फंड में जाएगा।

न्यूनतम पारिश्रमिक (श्रेणीवार) श्रेणी-1 : चिकित्सीय, अभियंत्रण, व्याख्यान, लेखा, अनुसंधान सेवाएं – ₹40,000/-

श्रेणी-2 : कार्यालयीय/आशुलिपिकीय स्तर-2, नर्सिंग, फार्मेसी, परामर्शदाता, सांख्यिकी सेवाएं – ₹25,000/-

श्रेणी-3 : कार्यालयीय/आशुलिपिकीय स्तर-3, डाटा प्रोसेसिंग, पैरामेडिकल, इलेक्ट्रीशियन, वाहन चालक – ₹22,000/-

श्रेणी-4 : लिफ्ट ऑपरेटर, कार्यालय अधीनस्थ, भंडारण, डाक, खान-पान, बागवानी, सुरक्षा, फायर, सैनिटेशन आदि सेवाएं – ₹20,000/-

संगठनात्मक ढांचा निगम में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, सलाहकार समिति, निगम मुख्यालय के साथ-साथ शासन, मण्डल, जिला और स्थानीय स्तर पर मानीटरिंग कमेटी बनाई जाएगी।

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