शनिवार तड़के 5:40 पर टायर पंचर होने के बाद हुआ हादसा

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के 5:40 बजे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक (नागपुर) के वर्तमान कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी (उम्र 55 वर्ष) और उनकी पत्नी बदामी देवी (उम्र 52 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गाड़ी का चालक वैभव मिश्र (उम्र 35 वर्ष, निवासी गोपालगंज, बिहार) गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, प्रो. हरेराम त्रिपाठी अपनी पत्नी और चालक वैभव मिश्र के साथ इनोवा कार से नागपुर से अपने पैतृक निवास कुशीनगर जनपद के चकिया बाघोचघाट जा रहे थे। गाड़ी प्रो. त्रिपाठी स्वयं चला रहे थे, जबकि उनकी पत्नी आगे की सीट पर और चालक वैभव मिश्र पीछे की सीट पर बैठे थे। वैभव ने बताया कि नींद आने की वजह से उन्होंने प्रो. त्रिपाठी को गाड़ी चलाने के लिए कहा था। तड़के अहिरानी के पास एक पेट्रोल पंप के सामने पंचर होने के कारण खड़े ट्रेलर से इनोवा कार की भीषण टक्कर हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही दोहरीघाट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को गाड़ी से बाहर निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घायल चालक वैभव मिश्र को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दोहरीघाट ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
दोहरीघाट थाना प्रभारी राज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने ट्रेलर और इनोवा कार को कब्जे में ले लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर के पंचर होने के कारण सड़क पर खड़े होने की बात सामने आई है, जिससे यह हादसा हुआ।