
सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खण्ड रेहराबाजार की ग्राम पंचायत रहमतपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से करीब दस वर्ष पूर्व निर्मित एएनएम (सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी) सेंटर आज भी तालाबंदी की जकड़न में पड़ा है। न स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं और न ही कोई सुविधा उपलब्ध। सेंटर तक पहुंचने के लिए कोई पक्की या कच्ची सड़क भी नहीं बनी, जिससे यह भवन धीरे-धीरे उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों रामजी, संकटा तिवारी, सेतु तिवारी और राकेश का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार यह भवन अब घास-फूस और झाड़ियों से घिरा पड़ा है। बरसात में सेंटर तक पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव पहुंचाने की सरकारी मंशा इस भवन की दुर्दशा के आगे बौनी साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एएनएम सेंटर तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग का निर्माण, परिसर की सफाई और भवन की मरम्मत कराते हुए इसे शीघ्र चालू किया जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा अपने ही गांव में मिल सके।
इस संबंध में रेहराबाजार के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप राजभर ने बताया कि “यदि किसी को एएनएम सेंटर बंद होने से दिक्कत है तो वे प्रार्थना पत्र दें, जिसे शासन स्तर पर भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।”
