
बलिया( राष्ट्र की परम्परा)
निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी वसूली और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से वार्ता की असफल कोशिश के बाद मामला गर्मा गया। अभाविप कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिलाधिकारी ने उन्हें डांटकर चेंबर से बाहर निकाल दिया। इससे नाराज छात्र बारिश में भीगते हुए जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और घंटों तक जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया गया। धरना स्थल पर पहुंचे शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और छात्रों के बीच तीखी बहस व धक्का-मुक्की हुई। वायरल वीडियो में कोतवाल को यह कहते सुना जा सकता है, “डीएम साहब के खिलाफ टिप्पणी करेंगे तो कार्रवाई होगी।” जवाब में एक छात्र नेता ने कहा, “आप गिरफ्तार कर लीजिए।” कोतवाल का कथन “धक्का-मुक्की नहीं, घसीटते हुए ले जाएंगे” मामले को और गरमा गया।
इसी बीच, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि “कार्यालय में लोग पहले से मौजूद थे और गैलरी में कुछ लोग नारेबाजी कर रहे थे। हमने किसी का अपमान नहीं किया है धरने में जिला सह संयोजक अभिषेक यादव, नगर मंत्री अंकित ठाकुर, जिला संगठन मंत्री ऋषभ, रवि गुप्ता, अतुल मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, शानू शर्मा सहित सैकड़ों अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सिविल चौकी प्रभारी गिरीजेश सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा।