नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारतीय सेना को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम क्षेत्र के पास हरवान के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा मारा गया। उसके साथ दो और आतंकवादी भी ढेर कर दिए गए। हाशिम मूसा का नाम लंबे समय से सीमा पार आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

अधिकारियों के अनुसार, हाशिम मूसा की लोकेशन का पता लगाने के लिए खुफिया एजेंसियों, सेना और स्थानीय पुलिस द्वारा हफ्तों से समन्वित अभियान चलाया जा रहा था। सोमवार को सुरक्षाबलों को पुख्ता सूचना मिली कि मूसा अपने साथियों के साथ हरवान क्षेत्र के पास जंगलों में छिपा हुआ है। इसके बाद सेना की विशेष टुकड़ी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने साझा अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी की।

अभियान के दौरान दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई, जो कई घंटों तक चली। मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें से एक की पहचान हाशिम मूसा के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि मूसा न केवल घाटी में कई आतंकी हमलों में शामिल था, बल्कि हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें सुरक्षाबलों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा था।

सेना के प्रवक्ता ने बताया
“यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हाशिम मूसा की मौत से आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और इससे घाटी में शांति बहाली के प्रयासों को बल मिलेगा।”

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और संचार उपकरण भी बरामद किए गए हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और आतंकी छिपा न हो।

गौरतलब है कि हाशिम मूसा लंबे समय से सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में शामिल था और उस पर सरकार की ओर से इनाम भी घोषित था। उसका संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से था और वह नई भर्ती कर युवाओं को आतंकवाद की राह पर ले जाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग करता था।

इस सफलता के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।

यह मुठभेड़ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एक रणनीतिक जीत मानी जा रही है, जिससे घाटी में आतंक के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।