
भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त अभियान सफल, क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)श्रीनगर के समीप स्थित दाचीगाम के ऊपरी जंगलों में सोमवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन विदेशी आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े और समन्वित अभियान के तहत अंजाम दी गई।
घटनाक्रम के अनुसार, सुबह के समय स्थानीय लोगों द्वारा गोलियों की आवाज़ सुने जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। संयुक्त बलों ने जंगल के घने क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होने पर मुठभेड़ की कार्रवाई शुरू की, जो कई घंटे तक चली।
शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, मारे गए तीनों आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे और वे विदेशी नागरिक थे। शुरुआती रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि ये आतंकी हाल ही में नियंत्रण रेखा पार कर कश्मीर घाटी में घुसे थे और दाचीगाम के कठिन पर्वतीय इलाके में छिपे हुए थे।
सेना और पुलिस का बयान
एक आधिकारिक बयान में सेना ने बताया, “इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू की, जिसके जवाब में जवाबी कार्रवाई की गई। तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है।”
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से प्राप्त सामग्री की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आतंकी घाटी में किन गतिविधियों की योजना बना रहे थे।
इलाके में तलाशी अभियान जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके को सील कर तलाशी अभियान जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई और आतंकी छिपा न हो। दाचीगाम का यह क्षेत्र अपनी दुर्गमता और घने जंगलों के कारण आतंकियों की घुसपैठ और छिपने का पसंदीदा इलाका माना जाता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी सफलता
इस अभियान को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि विदेशी आतंकियों के मारे जाने से घाटी में आतंकी गतिविधियों को करारा झटका लगा है। सुरक्षा बलों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है और घाटी में शांति बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों से अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या सेना को दें, ताकि शांति प्रक्रिया को बाधित करने वाले तत्वों को समय रहते रोका जा सके।