नई दिल्ली, (राष्ट्र की परम्परा)
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता पर किसी को किसी अतिरिक्त सबूत की ज़रूरत नहीं है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जब हमारे जवानों पर हमला होता है, जब निर्दोष लोगों की जान जाती है, तो हमें यह सिद्ध करने की ज़रूरत नहीं कि पाकिस्तान इसके पीछे है। यह ऐतिहासिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि पाकिस्तान ने बार-बार आतंकियों को पनाह दी है, उन्हें संसाधन उपलब्ध कराए हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनका बचाव किया है।”

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में आतंकवादी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के खिलाफ उठाए गए प्रस्तावों में बाधा डाली थी। “क्या यह सबूत नहीं है? क्या पाकिस्तान का यूएन में टीआरएफ का बचाव करना उसकी भूमिका को उजागर नहीं करता?” उन्होंने पूछा।

चतुर्वेदी ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की ‘संदेह की राजनीति’ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “ऐसे समय में जब देश एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो रहा है, तब विपक्ष के वरिष्ठ नेता द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी केवल भ्रम फैलाने वाली है।”

प्रियंका चतुर्वेदी की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में सुरक्षा बलों के कई जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की ज़िम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन माना जाता है।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। देश में आतंकवाद और उसकी वैश्विक जड़ों पर बहस फिर एक बार गहराती नजर आ रही है।

फोटो ani के सौजन्य से