बेसिक शिक्षा विभाग का अब तक का सबसे बड़ा भर्ती घोटाला उजागर

गोंडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
बेसिक शिक्षा विभाग में अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गोंडा जनपद में तैनात रहे एक बाबू ने नियम-कानून की धज्जियां उड़ाते हुए करोड़ों रुपये का घोटाला कर डाला। यह शख्स है अनुपम पांडेय, जिसे अब गोंडा का ‘करोड़पति बाबू’ कहा जा रहा है।
688 फर्जी नियुक्तियों का मास्टरमाइंड
जानकारी के अनुसार, अनुपम पांडेय ने 29 एडेड स्कूलों में 688 फर्जी नियुक्तियां करवाईं। इन नियुक्तियों के जरिए न सिर्फ बेरोजगारों को पैसे लेकर नौकरी दिलाई गई, बल्कि बाद में उन्हें पेंशन का लाभ भी दिलाया गया। यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए अंजाम दिया गया।
50 हजार की नौकरी, लेकिन करोड़ों की संपत्ति
महज ₹50,000 मासिक वेतन पाने वाला यह बाबू आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। लखनऊ से लेकर गोंडा तक आधा दर्जन आलीशान मकान, 12 लग्जरी गाड़ियाँ और विदेशी यात्राओं का लंबा रेकॉर्ड इसकी संपन्नता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
परिवार तक को दिलाई नौकरी
इस घोटाले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अनुपम पांडेय ने अपनी पत्नी, बेटी और साली को भी नियमविरुद्ध तरीके से शैक्षणिक पदों पर नियुक्त कराया।
सत्ता से संबंध, विधायक का सीधा आरोप
घोटाले को लेकर भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने सीधे तौर पर अनुपम पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुका है।
वेतन भुगतान के समय विदेश में मौजूद था बाबू
जांच में सामने आया कि अनुपम पांडेय कई बार विदेश यात्रा पर होने के बावजूद उसका वेतन नियमित रूप से जारी होता रहा। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि विभागीय मिलीभगत भी इसमें गहराई से शामिल है।
SIT जांच पर टिकी निगाहें
इस घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) अपनी पड़ताल कर रही है, लेकिन अब जनता और मीडिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक होगी और क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
