Monday, February 2, 2026
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हिन्दू महासभा का बड़ा बयान: भाषावाद, प्रान्तवाद और जातिवाद को बताया सनातन धर्म और राष्ट्र के लिए अभिशाप

शिवसेना-मनसे पर कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)
महाराष्ट्र में हिंदी भाषी नागरिकों पर हो रहे हमलों और “महाराष्ट्र छोड़ने” की धमकियों को लेकर देशभर में चिंता बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे पर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भाषावाद, प्रान्तवाद और जातिवाद न केवल भारत की अखंडता के लिए खतरा हैं, बल्कि सनातन धर्म की मूल भावना के भी विरुद्ध हैं।

हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि महाराष्ट्र में हो रहा यह उत्पीड़न भारतीय संविधान की आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हिंदी भाषियों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।

वहीं महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि, “अपने ही देश में राष्ट्रभाषा बोलने वाले नागरिकों के साथ भेदभाव करना घोर अन्याय और अक्षम्य अपराध है। भारत का संविधान हर नागरिक को देश के किसी भी राज्य में बसने, भाषा बोलने और रोजगार पाने का अधिकार देता है। महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है, वह इस मौलिक अधिकार का खुला उल्लंघन है।”

शिवसेना और मनसे पर सीधा हमला:
हिन्दू महासभा ने सीधे तौर पर शिवसेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) को निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों दलों का उत्तर भारतीयों पर हमला करने का पुराना इतिहास रहा है। अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कि ये दल राजनीतिक लाभ के लिए भाषावाद और प्रान्तवाद की जहरीली राजनीति कर रहे हैं, जिससे हिंदी भाषी और मराठी समुदाय के बीच वैमनस्य फैलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह उत्पीड़न नहीं रुका, तो हिन्दू महासभा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

राजनीतिक मान्यता रद्द करने की मांग:
महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और धर्माचार्य चंद्रशेखर भट्ट ने शिवसेना और मनसे को देश, समाज और सनातन धर्म का सबसे बड़ा शत्रु करार दिया। उन्होंने भारतीय निर्वाचन आयोग से इन दलों की राजनीतिक मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए कहा, “भाषावाद और प्रान्तवाद की आग देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रही है। अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगी, तो भारत सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की गंभीर कीमत चुका सकता है।”

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