Wednesday, March 4, 2026
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बाढ़ से बचाव को लेकर चंदन नदी घाट पर एसडीआरएफ की हुई मॉकड्रिल

सीपीआर, सर्पदंश और बिजली गिरने से बचाव की दी गई जानकारी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल तहसील के ठूठीबारी क्षेत्र में स्थित चंदन नदी घाट पर बाढ़ आपदा से निपटने के लिए एक विस्तृत और प्रभावशाली मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास उपजिलाधिकारी नन्द प्रकाश मौर्य के निर्देशन और निगरानी में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व तहसीलदार अमित सिंह और क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह ने किया।
मॉकड्रिल में बाढ़ से पहले और बाद की तैयारियों, राहत और बचाव कार्यों को लेकर एसडीआरएफ की टीम ने अहम जानकारियां दीं। मौके पर तहसील प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, फायर बिग्रेड, एनडीआरएफ कर्मी, चिकित्सा दल, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
एसडीआरएफ टीम के एसआई सूरज सिंह, कांस्टेबल मुकेश यादव, मनीष कुमार और चंदन ने बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों, राहत कार्यों और आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
टीम द्वारा बताया गया कि किस प्रकार बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किस तरह फंसे हुए लोगों की मदद की जाए। मॉकड्रिल के दौरान एक प्रतीकात्मक दृश्य के जरिए बताया गया कि कैसे बाढ़ के समय डूबते व्यक्ति को बचाया जा सकता है। इस अभ्यास में सोनू, देवेंद्र पटेल और देवेंद्र यादव को नदी में डूबता हुआ दिखाया गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर ही सीपीआर देकर उसकी जान बचाई गई।
एसआई सूरज सिंह ने बताया कि डूबे व्यक्ति को 5 से 7 मिनट के भीतर पानी से बाहर निकालना अत्यंत जरूरी होता है। प्राथमिक उपाय के रूप में उसके दोनों पैरों को ऊपर उठाकर पेट का पानी बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा, गर्दन के नीचे से सहारा देकर व्यक्ति को पेट के बल लिटाने से भी फेफड़ों और पेट का पानी बाहर निकल सकता है।बाढ़ के समय सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि किसी को सांप काट ले तो बिना देर किए उसे पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए। साथ ही, बिजली गिरने के समय पेड़ों के नीचे शरण न लेने, पक्के और सुरक्षित मकानों में रहने की सलाह दी गई।
इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक आपदा मनोज श्रीवास्तव, लेखपाल देवेंद्र पटेल, भारतेंदु मिश्रा, अनिल सिंध, अवधेश सिंह, फायर बिग्रेड के सुरेश प्रसाद, अशोक पांडेय, मुकेश गौतम, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रणजीत सिंह, जेई आदित्य कुमार, पीडब्ल्यूडी के संत राम और गंगाराम शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।आपदा मित्र टीम के सदस्य देवेंद्र यादव, सोनू, प्रमोद, विजय, एनसीसी कैडेट सत्यरूपा दुबे, खुशबू शर्मा, सृष्टि तिवारी, सिवानी चौधरी और स्काउट गाइड की रागिनी पाठक, सूची दुबे समेत बड़ी संख्या में लोगों ने मॉकड्रिल में भाग लिया। सभी ने इसे अत्यंत उपयोगी, जागरूकता बढ़ाने वाला और जीवन रक्षक उपायों की सीख देने वाला अनुभव बताया।

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