Friday, April 10, 2026
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खनन माफियाओं द्वारा अवैध रूप से किया जा रहा है खनन

प्रतिदिन रात्रि में 4 डंप्पर व 10 ट्रैक्टरों से हो रही मिट्टी की सप्लाई

सत्ताधारी नेता का ट्रेक्टर दिन रात कर रहा खनन

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
अल्हागंज कस्बे क्षेत्र के हुल्लापुर रामगंगा नदी के किनारे स्थित साहबगंज दो खनन माफियाओ का अड्डा बन गया है। प्रतिदिन शाम ढलते ही रामगंगा नदी के किनारे से कस्बे तक 4 डंम्पर व दर्जनों ट्रैक्टर गरजने लगते हैं, जो किसानों की फसल के साथ साथ राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं, बेहतरीन नजराने के कारण अवैध बालू व मिट्टी का कारोबार फल फूल रहा है। सरकार व अधिकारी कितना भी प्रयास कर ले पर अवैध खनन करने पर अंकुश लगाना बहुत ही मुश्किल है। शाम होते ही रामगंगा नदी से साहबगंज अल्हागंज के दर्जनों ट्रैक्टर गरजने लगते हैं। रात्रि में हाई स्पीड इनकी यातायात व्यवस्था भी फेल करके रख दिया है। रामगंगा नदी से चलकर कस्बे तक आने में इन्हें मात्र 10 मिनट का समय लगता है। रास्ते में पढ़ने वाले खेत खलियान को नुकसान पहुचाते है। बाढ प्रभावित क्षेत्र है हुल्लापुर व साहबगंज इसके बावजूद यह सब जानते हुए भी नदी के तट को पूरी तरह बर्बाद कर रहे है। तीन दिन पूर्व पडोसी जनपद हरदोई मे तीन बच्चो की मौत अवैध खनन के द्वारा किये गये गढ्ढो मे डूब जाने से हुई थी, यह सब जानते हुए भी नदी किनारे गढ्ढे बनाए जा रहे है। नदी का कटान मोडने के लिए जेसीबी द्वारा प्रतिदिन 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक खुदाई की जा रही हैं।
यह कस्बे सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध बालू व मिट्टी की सप्लाई करते हैं। क्षेत्रीय राजस्व के संरक्षण में इनका गोरख धंधा फल फूल रहा है। फसल के साथ-साथ राजस्व को लाखों का चूना लगा रहे हैं। ना तो दर्जनों ट्रैक्टर के पास कोई परमिशन होती है न ही ट्रैक्टर चालकों के पास लाइसेंस। शराब के नशे में चालक अधिकारियों को बचाते हुए हाई स्पीड में निकल जाते हैं जिससे रास्ते में आने वाले खेतो की फसलों का भी नुकसान हो जाता है। 3000 रुपए प्रति ट्राली बालू की बिक्री होती है तो 1000 रुपए ट्राली मिट्टी की। अल्लाहगंज निवासी खनन सरदार के दबाव के चलते यह न तो विभाग से परमीशन लेते है न ही खेत मालिक से कोई परमीशन लेते है। रामगंगा के किनारे जब ट्रैक्टर फस जाते हैं तो यहां खेतों से भी खुदाई कर लेते हैं।

खर्चे के कारण बढ़ गए हैं बालू व मिट्टी के रेट

खर्चे के हिसाब से ही सरदार रेट तय करता है जो मिट्टी की ट्राली 800 रुपए में बिक्री होती थी, आज वह 1000 रुपए में डाली जा रही है जो अभी तक 2000 रुपए में बालू की ट्राली डाली जाती थी वह 3000 में हो गई है। वही जब ठेका के तौर पर कार्य किया जाता है तब उनके रेट अन्य होते हैं। डंप्पर से हो रहे खनन का तो रेट ही अलग है।

पुलिस की ड्यूटी पर भी उठे सवाल

अवैध खनन के स्थान से कुछ ही दूरी पर हुल्लापुर चौराहे पर पुलिस की ड्यूटी दिन और रात मे लगायी जाती है इसके बाद भी रात्रि भर अवैध खनन चलता रहता है, यही नही 112 डायल पुलिस के साथ अन्य पुलिस भी रात्रि गस्त पर रहने के बावजूद अवैध बालू व मिट्टी का खनन होता रहा हैं। इस पर पुलिस पर भी सवाल उठाए जा रहे है।
नेता का ट्रेक्टर रात और दिन मे करता हैं सप्लाई

वही साहबगंज मे दो ट्रेक्टर सत्ताधारी नेता के संरक्षण मे रात व दिन मे भी चल रहे, यह साहबगंज चम्पत पुर की जमीनो मे बडे बडे गढ्ढे बनाने का कार्य करते है तथा नगर मे सप्लाई करते है। इनका एक ट्रेक्टर बालू निकालने का कार्य बखूबी कर रहा है। किसी की मजाल जो इन ट्रेक्टरो का कुछ कर सके।

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