Saturday, February 28, 2026
Homeउत्तर प्रदेशधूल गरदे में हो रहा मरीजों का इलाज, सीएमएस बने लापरवाह

धूल गरदे में हो रहा मरीजों का इलाज, सीएमएस बने लापरवाह

चंदौली(राष्ट्र की परम्परा)
चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय इन दिनों जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहाँ इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को सांस संबंधित अन्य दिक्क़तो पर उन्हें ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं मुहैया करायी जाती है, ताकि उन्हें सांस संबंधित दिक्कतो से आराम मिल सके। तो वही जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में इमरजेंसी कक्ष में हो रहे तोड़ फोड़ के कारण उड़ने वाले धूल गरदे से मरीजों को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। जिससे की सांस की समस्याओं से पीड़ित मरीजों को धूल गरदे का भी सामना करना पड़ रहा है।
वही जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया के इमरजेंसी सेवाओं में ऐसी बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। तोड़ फोड़ के समय भी इमरजेंसी रूम में मरीजों को रखने से मरीजों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है, लेकिन जिला संयुक्त चिकित्सालय में जिम्मेदार द्वारा ऐसी स्थिति में भी मरीजों के लिये अन्य कोई वैक्लपित व्यवस्था नहीं किया गया है। जिससे की जिला संयुक्त चिकित्सालय के जिम्मेदार की एक बड़ी लापरवाही कही जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है की मरीजों के स्वास्थ्य के साथ जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में खिलवाड़ कब तक होता रहेगा।
आपको बता दे की जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में बड़ी संख्या में सांस व हार्ट के मरीजों का रोजाना ही इलाज होता है। अब ऐसी स्थिति में उन्हें ऐसी धूल गरदे वाली जगह पर भर्ती करना किसी खतरे से खाली नहीं है।

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