
महिलाओं को वस्त्र बदलने में होती है काफी दिक्कत- कौशल किशोर यादव
इस घाट पर नहीं है कोई शौचालय – पंडित बालबृंद पांडे
भागलपुर /देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) पाप नासनी (मोक्षणि) मां गंगा के अवतरण दिवस पर लोगों ने सरयू नदी में लगाई आस्था की डुबकी और पूजन अर्चन कर लोगों ने किया कुशल क्षेम प्रार्थना।
गंगा दशहरा के इस पावन अवसर पर भागलपुर कालीचरण घाट तथा चितरपुर खैर खास इत्यादि जगहों पर लोगों की काफी भीड़ रही। गंगा दशहरा पर लोगों ने किया पूजन अर्चन।
मान्यता है कि भागीरथ ने अपने तपोबल से मां गंगा को पृथ्वी पर प्रसन्न कर पुरखों के उद्धार हेतु स्वर्ग से लाए।
वही पाप नासनी मां गंगा अनेकों नामो से जानी जाती हैं। जिनके द्वारा हमें जल मिलता है। इस अवसर पर लोग दान पुण्य पूजा अर्चना मां गंगा की करते हैं। उनसे कुशल छेम की प्रार्थना करते हैं। इस अवसर पर सरयू नदी के लगभग हर तट पर लोगों का मेला सा आना-जाना स्नान ध्यान दान पूजन करना आदि लग रहा।
घाट पर दूर दराज से आए हुए लोगों को कपड़े बदलने में काफी दिक्कत होती है, शौचालय जाने में काफी दिक्कत होती है यहां महिलाओं और पुजारी लोगों ने कहा कि कोई इस घाट पर विशेष ध्यान नहीं देता है ना ही कोई लोगों की ठहरने के लिए घंटे 2 घंटे बैठने के लिए व्यवस्था है, महिलाओं को प्रसाद बनाने में काफी दिक्कतें आती है। महिलाओं को प्रसाद धूप में बैठकर बनाना पड़ता हैं तब जाकर के मां गंगा को अर्पित किया जाता है।
भागलपुर विधानसभा का लास्ट छोर है। जहां लोग कम पहुंचते हैं। कम ध्यान देते हैं। लोगों का कहना है। भागलपुर के विकास में त्यौहार आदि काफी मायने रखता है।
