बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बांसडीह नगर पंचायत क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर सुविधा परेशानी का कारण बनती जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनका बिजली का उपयोग पहले जैसा ही है, लेकिन बिल हर महीने अचानक कई गुना बढ़कर आ रहा है। जून में जहाँ किसी का बिल ₹2300 आया, वहीं जुलाई में वही बिल ₹19,000 तक पहुंच गया। नगर पंचायत के वार्ड नंबर-5 निवासी मुख्तार अहमद ने बताया कि उनका लोड बढ़ा नहीं है, लेकिन बिल में अचानक उछाल आ गया। पहले जहां ₹400 से ₹500 तक बिल आता था, अब यह हजारों में पहुंच गया है। इसी तरह राजेश गौड़ ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कभी ₹3000 तो कभी ₹5000 का बिल आ रहा है। शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। बांसडीह विद्युत उपकेंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में पुराने मीटर की बची हुई यूनिट्स को भी नया स्मार्ट मीटर पकड़ रहा है, जिससे बिल में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। एक्सईएन ई. राजकुमार सिंह के अनुसार, “लोड बढ़ने पर पेनल्टी के रूप में बिल बढ़ सकता है और बकाया होने पर सप्लाई भी बाधित हो सकती है। उपभोक्ता को नए सिस्टम के अनुरूप बिल जमा करना अनिवार्य है।” हालांकि निगम की ओर से समस्या के समाधान के लिए कुछ मामलों में चेक मीटर लगाकर पुराने और नए मीटर की रीडिंग का मिलान किया जा रहा है। सही रीडिंग आने पर उपभोक्ताओं को आश्वस्त कर मीटर बदला जा रहा है बांसडीह उपकेंद्र पर पिछले एक महीने में स्मार्ट मीटर से जुड़ी 10 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। उपभोक्ता कहते हैं कि शिकायतों के बावजूद शिविरों और कार्यालय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो रही। बिल की अनियमितता ने उनके मासिक बजट को बिगाड़ दिया है। स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच हो, लोड का सत्यापन किया जाए और बिल निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। जब तक जांच पूरी न हो, तब तक उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
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