गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज द्वारा आयोजित दीक्षारंभ-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत “जीवन में सोशल मीडिया और एआई की भूमिका” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर अधिवक्ता शुभेन्द्र सत्यदेव ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सकारात्मक उपयोग, संभावनाओं और चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और एआई आज के समय के सबसे प्रभावशाली तकनीकी साधन हैं। यदि इनका विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए तो ये शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं इनका दुरुपयोग व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के लिए गंभीर चुनौतियां भी खड़ी कर सकता है।
अपने संबोधन में उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े रोचक प्रसंगों, व्यावहारिक उदाहरणों और हास्यपूर्ण शैली के माध्यम से विषय को सरल बनाया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की सोच, व्यवहार और निर्णय क्षमता को भी प्रभावित करने वाला सशक्त मंच बन चुका है। वहीं एआई कार्यों को आसान और तेज बना रहा है, लेकिन यह मानवीय संवेदनाओं, मौलिक चिंतन और रचनात्मकता का विकल्प नहीं बन सकता।
उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान अर्जन, शोध, नवाचार और सकारात्मक संवाद के लिए करने तथा एआई को सहयोगी तकनीक के रूप में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही तकनीक का उपयोग नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ करने पर बल दिया।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया की लत, फेक न्यूज़, साइबर सुरक्षा, डिजिटल नैतिकता और एआई के भविष्य से जुड़े सवाल पूछे। अधिवक्ता शुभेन्द्र सत्यदेव ने सभी प्रश्नों का व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तार से उत्तर दिया। उनका संवादात्मक और प्रभावशाली व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रहा।
कार्यक्रम में अतिथि परिचय शोधार्थी शिवम पाण्डेय ने कराया, जबकि आयोजन समिति के लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और एआई के प्रति जागरूक एवं उत्तरदायी बनाना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार सिंह, डॉ. अमित दुबे, डॉ. प्रेरणा अदिति, डॉ. पवन कन्नौजिया, डॉ. अवैद्यनाथ, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. रश्मि शाही सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
