बिछुआ/मप्र (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, अनुशासन और समय प्रबंधन पर एक दिवसीय व्याख्यान आयोजित किया गया।
सहायक प्राध्यापक डॉ. नसरीन अंजुम खान ने कहा कि सफलता के लिए केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छा व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण भी जरूरी हैं। डॉ. शशि ऊईके ने कहा कि कठिनाइयों को अवसर के रूप में देखना चाहिए और असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने अनुशासन, नियमित दिनचर्या, जिम्मेदारी और निरंतर प्रयास को सफलता की नींव बताया।
डॉ. माधुरी पूसे ने समय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कार्यों की प्राथमिकता तय करना, समय-सारणी बनाना और अनावश्यक गतिविधियों से बचना जरूरी है। विद्यार्थियों और युवाओं को इन आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी यादव के निर्देशन तथा स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. फरहत मंसूरी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शशि ऊईके ने किया। इस दौरान डॉ. कीर्ति डेहरिया, डॉ. नमिता चौबे, डॉ. प्रियंका डुडवे, राज देशमुख सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।