नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन के साथ हुई। अपने प्रभावशाली भाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। यह संबोधन 18वीं लोकसभा के सातवें सत्र और राज्यसभा के 270वें सत्र के उद्घाटन अवसर पर हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उन्हें संसद को संबोधित करते हुए गर्व और प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने पिछले वर्ष को भारत की तीव्र प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक बताया। राष्ट्रपति ने वंदे मातरम के 150 वर्ष, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार पटेल की 150वीं जयंती जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्मरणोत्सवों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया है।
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सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रतिपादित समानता और न्याय के मूल्य ही भारतीय संविधान की आत्मा हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रत्येक नागरिक को बिना भेदभाव के समान अधिकार मिलना चाहिए और उनकी सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
Budget Session 2026 के अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच में हुए बड़े विस्तार को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ केवल 25 करोड़ लोगों तक सीमित था, जबकि आज लगभग 95 करोड़ नागरिक इन योजनाओं से जुड़े हैं। यह बदलाव दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदायों और समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए कानून ‘विकसित भारत-जी-आरएएम जी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार और विकास को नई दिशा देगा। इस कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। हालांकि इस मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत 21वीं सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों ने देश को मजबूत आधार प्रदान किया है और आने वाला समय विकसित भारत के सपने को साकार करने का है। Budget Session 2026 का यह संबोधन सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता और भविष्य की स्पष्ट रूपरेखा को दर्शाता है।
