यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: ट्रांसफर नीति से टेक्सटाइल पार्क तक, विकास और प्रशासनिक सुधारों पर जोर
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद बैठक में सोमवार को प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने जहां नई स्थानांतरण नीति लागू कर कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों की समयसीमा तय की, वहीं टेक्सटाइल पार्क, नर्सिंग कॉलेज, सड़क निर्माण, ई-साक्ष्य प्रबंधन और कौशल विकास जैसी योजनाओं को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था, रोजगार, निवेश और जनसुविधाओं पर दिखाई देगा।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई स्थानांतरण नीति लागू करते हुए स्पष्ट किया कि सभी तबादले 31 मई 2026 तक पूरे किए जाएंगे। समूह ‘क’ और ‘ख’ के वे अधिकारी जो किसी जनपद में तीन वर्ष या किसी मंडल में सात वर्ष पूरे कर चुके हैं, उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा। समूह ‘ग’ और ‘घ’ कर्मचारियों के तबादलों की अधिकतम सीमा भी तय की गई है। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सुविधाजनक स्थानों पर तैनाती देने का विशेष प्रावधान भी रखा गया है।
प्रदेश सरकार ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी पेट्रोलियम कीमतों का असर सड़क निर्माण कार्यों पर स्वीकार किया है। बिटुमिन की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के पुराने अनुबंधों में मूल्य समायोजन का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न हों और ठेकेदारों को राहत मिल सके।
सड़क परियोजनाओं के क्षेत्र में लखनऊ में आउटर रिंग रोड से पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 14.28 किलोमीटर लंबे छह लेन मार्ग के निर्माण और आईआईएम लखनऊ से रैथा अंडरपास तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना की संशोधित लागत 546.51 करोड़ रुपये मंजूर की गई है। सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक निवेश और यातायात सुविधा दोनों को मजबूती मिलेगी।
कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज के पास नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सहायतित योजना के तहत बनने वाला यह कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। वन विभाग की पौधशालाओं से सरकारी संस्थाओं, किसानों और सामाजिक संगठनों को यूकेलिप्टस और पॉपलर को छोड़कर अन्य पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदेश में न्यायिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश ई-साक्ष्य प्रबंधन नियम 2026, ई-समन नियम 2026 और सामुदायिक सेवा गाइडलाइन 2026 लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके तहत डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन, ऑनलाइन समन और छोटे अपराधों के लिए सामुदायिक सेवा जैसी व्यवस्थाएं लागू होंगी।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के तहत “OTD CM Fellow” कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में आर्थिक विकास और डेटा विश्लेषण के लिए दो विशेषज्ञ फेलो नियुक्त किए जाएंगे, जिन्हें 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, लैपटॉप और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
सरकार ने निजी क्षेत्र में अमरदीप विश्वविद्यालय, फिरोजाबाद की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। वहीं संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत चार बंद कताई मिलों की 251.805 एकड़ भूमि वस्त्रोद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में टाटा समूह की सहयोगी कंपनी नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड के माध्यम से DREAM Skill Labs स्थापित किए जाएंगे। इन लैब्स में छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत लॉ क्लर्क और रिसर्च एसोसिएट का कार्यकाल दो वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम तीन वर्ष करने का प्रस्ताव भी लाया गया है, जिससे न्यायिक कार्यों में निरंतरता और दक्षता बढ़ सके।
ऊर्जा विभाग ने किसानों को राहत देते हुए पावर ट्रांसमिशन लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण और राइट ऑफ वे कॉरिडोर में अधिक क्षतिपूर्ति देने का प्रस्ताव रखा है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को सर्किल रेट के आधार पर बेहतर मुआवजा मिलेगा।
प्रदेश सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
